राष्ट्रीय आपातकालीन एवं शिकायत हेल्पलाइन
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी, उपभोक्ता विवाद, आपातकालीन सेवाओं और नागरिक निवारण के लिए सत्यापित, आधिकारिक भारतीय सरकारी टोल-फ्री हेल्पलाइन।
महत्वपूर्ण सलाह: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के लिए 'गोल्डन ऑवर' नियम (1930)
यदि आपने यूपीआई स्कैम, फर्जी बैंकिंग ऐप, फिशिंग लिंक या अनधिकृत लेनदेन में पैसे गंवाए हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित CFCFRMS प्रणाली के तहत, पहले 2 से 3 घंटों में रिपोर्ट करने से बैंकों और पेमेंट गेटवे को जालसाज के खाते में पैसे फ्रीज करने में सबसे अधिक सफलता मिलती है।
प्रमुख आपातकालीन एवं नियामक हेल्पलाइन नंबर
पुलिस आपातकाल
पुलिस, अग्निशमन और एम्बुलेंस के लिए अखिल भारतीय एकल आपातकालीन नंबर।
साइबर क्राइम हेल्पलाइन
लेन-देन रोकने के प्रयास के लिए तुरंत वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें।
महिला हेल्पलाइन
हिंसा या उत्पीड़न का सामना कर रही महिलाओं के लिए 24x7 सहायता।
चाइल्ड हेल्पलाइन
संकट में बच्चों के लिए आपातकालीन सहायता।
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन
सामान, सेवाओं या ई-कॉमर्स विक्रेताओं के खिलाफ उपभोक्ता शिकायत दर्ज करें।
आरबीआई उपभोक्ता हेल्पलाइन
अनसुलझे बैंकिंग विवादों को बैंकिंग लोकपाल के पास एस्कलेट करें।
वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन
वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित सहायता।
राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर
किसी भी जानलेवा स्थिति के लिए एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया।
हेल्पलाइन पर कॉल करने से पहले क्या तैयार रखें
सुरक्षा चेतावनी: आधिकारिक सरकारी हेल्पलाइन (1930, 1915, 112, 14440) आपसे कभी भी AnyDesk/TeamViewer जैसे रिमोट ऐप डाउनलोड करने, कोई शुल्क देने, या अपना UPI PIN अथवा OTP साझा करने के लिए नहीं कहती हैं।
आधिकारिक ऑनलाइन रिपोर्टिंग पोर्टल
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल
वित्तीय धोखाधड़ी, पहचान चोरी और साइबर अपराधों की आधिकारिक रिपोर्टिंग के लिए।
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन
ई-कॉमर्स, बैंकिंग, टेलीकॉम और सेवा प्रदाताओं के खिलाफ प्री-लिटिगेशन समाधान।
e-Daakhil उपभोक्ता आयोग पोर्टल
जिला, राज्य और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोगों में ऑनलाइन औपचारिक वाद दायर करने के लिए।
संचार साथी एवं चक्षु पोर्टल (दूरसंचार विभाग)
खोए फोन ब्लॉक करने (CEIR), आधार पर जारी सिम जांचने (TAFCOP) और फर्जी कॉल रिपोर्ट करने हेतु।
हेल्पलाइन से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या हेल्पलाइन 1930 पूरी तरह टोल-फ्री और सभी राज्यों में उपलब्ध है?
हाँ, 1930 एक 24x7 राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन है जो भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है और कॉल करने वाले को सीधे राज्य साइबर सेल से जोड़ती है।
1915 (राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन) और उपभोक्ता अदालत में क्या अंतर है?
1915 उपभोक्ता मामले मंत्रालय द्वारा संचालित प्री-लिटिगेशन मध्यस्थता हेल्पलाइन है जहाँ कंपनियों के साथ बातचीत से समाधान कराया जाता है। यदि कंपनी समाधान नहीं करती, तो आप e-Daakhil पोर्टल (edaakhil.nic.in) के जरिए जिला उपभोक्ता आयोग में मुकदमा दर्ज कर सकते हैं।
यदि 1930 हेल्पलाइन व्यस्त आए तो क्या करें?
कॉल व्यस्त आने पर बिना समय गंवाए सीधे आधिकारिक साइबर पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाएं और 'Report Financial Fraud' विकल्प चुनकर तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
फर्जी कॉल, स्पैम SMS या अपने नाम पर जारी अज्ञात सिम की जांच कैसे करें?
दूरसंचार विभाग (DoT) के संचार साथी पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) का उपयोग करें। संदिग्ध फ्रॉड कॉल की रिपोर्ट 'Chakshu' पर करें और अपने आधार पर जारी सभी सिम कार्ड की जांच 'TAFCOP' पर करें।