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तथ्य जांचा गयाअंतिम अपडेट: 21 जुलाई 2026समीक्षक: ComplaintAdda Aviation & Consumer Protection Legal Desk

उड़ान रद्दीकरण एवं एयरलाइन यात्री अधिकार कानूनी निवारण गाइड

भारत में हवाई यात्रियों के अधिकारों का हनन लगातार बढ़ता जा रहा है। इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट जैसी एयरलाइनें अक्सर यात्रियों को परेशान करती हैं: अंतिम समय में बिना सूचना उड़ान रद्द करना, ओवरबुकिंग करके कन्फर्म टिकट वालों को बोर्डिंग से रोकना, बिना भोजन व होटल दिए 6-8 घंटे हवाई अड्डे पर अटकाना, चेक-इन सामान (Baggage) गायब करना या तोड़ना, और रिफंड हफ्तों तक अटकाना। भारत में एयरलाइन यात्रियों की सुरक्षा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के **सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) सेक्शन 3, सीरीज M, पार्ट IV** (जिसे **DGCA पैसेंजर चार्टर** कहा जाता है) के तहत की जाती है। इन नियमों के अनुसार: (1) कन्फर्म टिकट होने के बावजूद ओवरबुकिंग के कारण बोर्डिंग से रोकने (Denied Boarding) पर एयरलाइन को **बेसिक किराए का 400% (अधिकतम ₹20,000) वैधानिक मुआवजा** और पूरा रिफंड देना अनिवार्य है। (2) बिना 2 सप्ताह पूर्व नोटिस के उड़ान रद्द करने पर **100% रिफंड के साथ ₹10,000 तक का मुआवजा** देना होगा। (3) 2 से 4 घंटे से अधिक देरी होने पर मुफ्त भोजन, रिफ्रेशमेंट और होटल की सुविधा देना कानूनी मजबूरी है। (4) टिकट का रिफंड **7 कार्य दिवसों** के भीतर करना अनिवार्य है। यात्री नागरिक उड्डयन मंत्रालय के **एयरसेवा पोर्टल (airsewa.gov.in)** पर PNR नंबर दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करा सकते हैं।

विषय विशेषज्ञ सलाह एवं महत्वपूर्ण बारीकियां

डीजीसीए (DGCA) पैसेंजर चार्टर के अनुसार बोर्डिंग रोकने पर ₹20,000 तक, उड़ान रद्द होने पर ₹10,000 तक मुआवजा देय है और सामान खोने पर हवाई अड्डे पर PIR फॉर्म भरना अनिवार्य है।

यह क्या है

उड़ान व एयरलाइन शिकायतों में डीजीसीए नियमों और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के वैधानिक उल्लंघन शामिल हैं। मुख्य कानूनी प्रावधान: (1) बोर्डिंग इनकार पर सुरक्षा (CAR Clause 3.2): ओवरबुकिंग के कारण बोर्डिंग न मिलने पर 1 घंटे में वैकल्पिक उड़ान देनी होगी; विफल रहने पर बेसिक किराए का 200% से 400% (अधिकतम ₹20,000) मुआवजा देय है। (2) उड़ान रद्दीकरण नियम (Clause 3.3): बिना 2 हफ्ते के नोटिस के उड़ान रद्द होने पर पूरा रिफंड मय ₹5,000 से ₹10,000 हर्जाना देना होगा। केवल साबित प्राकृतिक आपदा या एटीसी (ATC) रोक के मामलों में ही छूट मिलेगी। (3) देरी पर भोजन व होटल सुविधा (Clause 3.4): 2 से 4 घंटे की देरी पर निःशुल्क भोजन-पानी और रात भर की देरी या 6 घंटे से अधिक की देरी पर निःशुल्क होटल प्रवास देना अनिवार्य है। (4) 24-घंटे फ्री रद्दीकरण नियम: डायरेक्ट एयरलाइन वेबसाइट से बुक टिकट को 24 घंटे में बिना किसी पेनल्टी के रद्द करने का वैधानिक अधिकार है, बशर्ते उड़ान में 7 दिन का समय बाकी हो।

इसका उपयोग कब करें

यदि एयरलाइन बिना 2 हफ्ते के नोटिस के उड़ान रद्द करे, कन्फर्म टिकट पर बोर्डिंग रोके, 2 घंटे से अधिक की देरी पर खाना/होटल न दे, सामान गायब करे, 7 दिनों में रिफंड न दे, या 24 घंटे की फ्री रद्दीकरण नीति का उल्लंघन करे, तो तुरंत इस गाइड का उपयोग करें।

चरण-दर-चरण प्रक्रिया

  1. 1चरण 1: हवाई अड्डे पर स्टेशन मैनेजर से लिखित सर्टिफिकेट व PIR रसीद लें। बोर्डिंग से रोकने या उड़ान रद्द होने पर स्टेशन मैनेजर की मुहर लगा लिखित सर्टिफिकेट मांगें। सामान गायब/नष्ट होने पर अराइवल हॉल से निकलने से पहले बैगेज काउंटर पर Property Irregularity Report (PIR) फॉर्म भरकर रसीद अवश्य लें।
  2. 2चरण 2: सभी दस्तावेज व रसीदें सुरक्षित रखें। पीएनआर टिकट, बोर्डिंग पास, बैंक रसीदें, खुद के खर्च से लिए गए खाने व होटल के बिल, और एयरलाइन के एसएमएस स्क्रीनशॉट संभाल कर रखें।
  3. 3चरण 3: एयरलाइन के नोडल अधिकारी को लिखित शिकायत भेजें। एयरलाइन के आधिकारिक नोडल अधिकारी (Nodal Officer) को ईमेल से शिकायत भेजें। इसमें PNR, PIR कॉपी और DGCA नियमों का हवाला दें। एयरलाइन को 15 दिनों में जवाब देना अनिवार्य है।
  4. 4चरण 4: नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एयरसेवा पोर्टल (airsewa.gov.in) पर रिपोर्ट दर्ज करें। 15 दिनों में समाधान न होने पर airsewa.gov.in या AirSewa ऐप पर जाएं। 'Register Grievance' पर क्लिक कर PNR दर्ज करें, एयरलाइन चुनें और PNR व PIR प्रति अपलोड करें।
  5. 5चरण 5: एयरसेवा अपीलीय प्राधिकारी निगरानी। एयरसेवा शिकायत को सीधे एयरलाइन के अपीलीय अधिकारी और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निरीक्षकों को भेजता है। एयरलाइन को 15 दिनों में समाधान अपडेट करना अनिवार्य है।
  6. 6चरण 6: उपभोक्ता अदालत (e-Daakhil) में हर्जाने का केस दर्ज करें। यदि एयरसेवा से संतोषजनक मुआवजा न मिले या आपकी कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने से भारी नुकसान हुआ हो, तो e-Daakhil पर कंज्यूमर कोर्ट में केस दर्ज करें।

आवश्यक दस्तावेज़

  • कन्फर्म फ्लाइट ई-टिकट / पीएनआर (PNR) प्रति (जिसमें यात्री का नाम और यात्रा का विवरण हो)
  • बोर्डिंग पास की प्रति (यदि बोर्डिंग रोकने या देरी से पहले जारी किया गया हो)
  • एयरपोर्ट बैगेज काउंटर द्वारा जारी Property Irregularity Report (PIR) रसीद की प्रति (सामान क्लेम के लिए अनिवार्य)
  • एयरपोर्ट स्टेशन मैनेजर द्वारा जारी रद्दीकरण या बोर्डिंग इनकार सर्टिफिकेट
  • उड़ान में देरी के दौरान भोजन, टैक्सी और होटल के लिए खुद द्वारा चुकाए गए बिलों की मूल रसीदें
  • एयरलाइन नोडल अधिकारी के साथ ईमेल पत्राचार और एयरसेवा शिकायत ट्रैकिंग शीट की प्रति

शुल्क

100% निःशुल्क। एयरसेवा पोर्टल (airsewa.gov.in) पर शिकायत दर्ज करने, हवाई अड्डे पर PIR फॉर्म भरने, या नोडल अधिकारी को शिकायत भेजने का कोई शुल्क नहीं है।

प्रोसेसिंग समय

एयरलाइनों को एयरसेवा पर 15 दिनों में समाधान देना अनिवार्य है। टिकट रिफंड 7 कार्य दिवसों में होना चाहिए। खोए हुए सामान का मुआवजा 10 से 14 दिनों में मिलना चाहिए।

महत्वपूर्ण सुझाव

  • चेक-इन सामान (Baggage) गायब या टूटा होने पर हवाई अड्डे के अराइवल हॉल से बाहर निकलने से पहले Property Irregularity Report (PIR) फॉर्म जरूर भरें—PIR के बिना एयरलाइन क्लेम खारिज कर देगी।
  • ओवरबुकिंग के कारण बोर्डिंग से रोके जाने पर बिना लिखित मुआवजे (₹20,000 तक) का आश्वासन लिए अपनी सीट स्वेच्छा से न छोड़ें।
  • 24-घंटे फ्री रद्दीकरण नियम: यदि आप यात्रा से 7 दिन पहले सीधे एयरलाइन वेबसाइट से टिकट बुक करते हैं, तो 24 घंटे में रद्द करने पर कोई रद्दीकरण शुल्क नहीं कटेगा।
  • रात 8 बजे से सुबह 3 बजे के बीच की फ्लाइट 6 घंटे से अधिक लेट होने पर एयरलाइन को मुफ्त होटल और टैक्सी देना ही होगा—हवाई अड्डे पर तुरंत मांग करें।
  • MakeMyTrip या Goibibo से बुक टिकट का पैसा भी एयरलाइन को 7 कार्य दिवसों में वापस करना ही होगा—एयरलाइन ट्रैवल एजेंट पर दोष नहीं डाल सकती।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीजीसीए नियम अनुसार: ओवरबुकिंग के कारण बोर्डिंग रोकने पर एयरलाइन को 1 घंटे में वैकल्पिक फ्लाइट देनी होगी। विफल रहने पर: (क) 24 घंटे में दूसरी फ्लाइट देने पर बेसिक किराए का 200% (अधिकतम ₹10,000)। (ख) 24 घंटे बाद दूसरी फ्लाइट देने पर 400% (अधिकतम ₹20,000)। (ग) यात्री द्वारा मना करने पर पूरा रिफंड मय 400% हर्जाना देय होगा।
डीजीसीए क्लॉज 3.3 के तहत: बिना 2 हफ्ते के नोटिस के उड़ान रद्द होने पर पूरा रिफंड और अतिरिक्त मुआवजा देय है: (क) 1 घंटे तक की फ्लाइट पर ₹5,000। (ख) 1 से 2 घंटे की फ्लाइट पर ₹7,500। (ग) 2 घंटे से अधिक की फ्लाइट पर ₹10,000। केवल साबित प्राकृतिक आपदा में ही छूट मिलेगी।
डीजीसीए नियम अनुसार: (क) 2.5 घंटे की फ्लाइट में 2+ घंटे देरी पर मुफ्त खाना-पानी देना होगा। (ख) 2.5 से 5 घंटे की फ्लाइट में 3+ घंटे देरी पर खाना मिलेगा। (ग) रात की फ्लाइट (रात 8 से सुबह 3) 6 घंटे से ज्यादा लेट होने या रात भर की देरी होने पर मुफ्त होटल व टैक्सी देना अनिवार्य है।
डीजीसीए पैसेंजर चार्टर के अनुसार, यदि आप सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से टिकट बुक करते हैं, तो 24 घंटे के भीतर टिकट रद्द करने पर शून्य (Zero) पेनल्टी लगेगी, बशर्ते उड़ान की तारीख में कम से कम 7 दिन का समय बाकी हो।
PIR हवाई अड्डे पर बैगेज डेस्क द्वारा जारी गुमशुदा सामान की रसीद है। घरेलू उड़ानों में चेक-इन सामान खोने पर ₹20,000 प्रति यात्री तक हर्जाना मिलता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत लगभग 1.4 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलता है।
डीजीसीए नियमों अनुसार: (क) क्रेडिट/डेबिट कार्ड बुकिंग: 7 कार्य दिवसों में खाते में पैसा वापस आना अनिवार्य है। (ख) कैश बुकिंग: हवाई अड्डे पर तुरंत रिफंड करना होगा। ओटीए (MakeMyTrip आदि) से बुक टिकट का रिफंड भी एयरलाइन 7 दिनों में जारी करने के लिए जिम्मेदार है।
एयरसेवा सरकार का एकीकृत पोर्टल है जो यात्रियों को एयरलाइन के मुख्य नोडल अधिकारियों और डीजीसीए से जोड़ता है। PNR के साथ शिकायत दर्ज करने पर एयरसेवा 15 दिनों में समाधान कराने के लिए एयरलाइन पर नजर रखता है। न हल होने पर मंत्रालय पैनल कार्रवाई करता है।
जी नहीं। एयरलाइन केवल मौखिक बहाना नहीं बना सकती। यदि एयरलाइन खराब मौसम या एटीसी (ATC) देरी का हवाला देती है, तो उसे आधिकारिक मौसम रिपोर्ट और एटीसी लॉग पेश करना होगा जिससे साबित हो कि उस समय अन्य सभी उड़ानें भी रोकी गई थीं।
हाँ। यदि एयरलाइन की लापरवाही से आपकी आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट, होटल बुकिंग या बिजनेस मीटिंग छूटती है, तो आप e-Daakhil पर उपभोक्ता अदालत में केस कर सकते हैं। अदालतें टिकट रिफंड, होटल खर्च और ₹1 लाख तक का मानसिक हर्जाना दिलवाती हैं।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। कार्रवाई करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।