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Cyber Safetyसरकारी परिपत्रों से सत्यापितअंतिम अपडेट: 30 अगस्त 2026समीक्षक: Sumit Tiwari

बिजली बिल डिस्कनेक्शन SMS फ्रॉड: फर्जी मैसेज को ब्लॉक और रिपोर्ट करने की पूरी जानकारी

पूरे भारत में बिजली उपभोक्ताओं को निशाना बनाकर 'बिजली बिल डिस्कनेक्शन फ्रॉड' चलाया जा रहा है। जालसाज आम लोगों को बल्क एसएमएस (SMS) या व्हाट्सएप पर फर्जी संदेश भेजते हैं कि आज रात 9:30 बजे उनका बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा क्योंकि पिछले महीने का बिल अपडेट नहीं है। डर के मारे लोग मैसेज में दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करते हैं, जिसके बाद उन्हें AnyDesk या RustDesk जैसी स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है या मामूली 'पुनः कनेक्शन शुल्क' के भुगतान के बहाने उनके बैंक खाते से पैसे उड़ा लिए जाते हैं। इस गाइड में हम जानेंगे कि यह फ्रॉड कैसे होता है, बिजली बिल से जुड़े सरकारी नियम क्या हैं, और संदिग्ध नंबरों की रिपोर्ट चक्षु (Chakshu) पोर्टल पर कैसे करें।

1. सीधा सत्यापन: क्या बिजली विभाग SMS भेजकर तुरंत कनेक्शन काटने की धमकी देता है?

नहीं। कोई भी असली बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) किसी व्यक्तिगत 10-अंकीय मोबाइल नंबर से कनेक्शन काटने की धमकी नहीं भेजती है, और न ही अचानक 'रात 9:30 बजे' जैसी समय-सीमा देती है।

विद्युत मंत्रालय के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, बिजली बिल या बकाया भुगतान से जुड़े सभी संदेश केवल ऑपरेटर के आधिकारिक सेंडर आईडी (जैसे UPPCL, BSESDL, MSEDCL) से भेजे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 56 के तहत, कोई भी बिजली प्रदाता उपभोक्ता को कम से कम 15 दिनों का लिखित नोटिस दिए बिना बिजली कनेक्शन काटने का कानूनी अधिकार नहीं रखता है। यदि आपको ऐसा कोई भी एसएमएस या व्हाट्सएप संदेश मिलता है जिसमें कुछ ही घंटों में बिजली काटने की बात कही गई हो, तो वह एक धोखाधड़ी का प्रयास (Scam) है।


2. बिजली बिल डिस्कनेक्शन स्कैम कैसे काम करता है?

यह घोटाला डर और तात्कालिकता का माहौल बनाकर काम करता है:

  • फर्जी मैसेज आना: उपभोक्ता को एक एसएमएस प्राप्त होता है: *"प्रिय उपभोक्ता, आज रात 9:30 बजे आपकी बिजली काट दी जाएगी क्योंकि आपका पिछले महीने का बिल अपडेट नहीं है। तुरंत हमारे बिजली अधिकारी 82XXXXXX पर संपर्क करें।"*
  • फर्जी हेल्पलाइन पर बातचीत: जब पीड़ित उस नंबर पर कॉल करता है, तो जालसाज खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताता है। वह कहता है कि आपका बिल पेंडिंग है और यदि आप अभी ₹10 का ऑनलाइन टोकन भुगतान नहीं करेंगे, तो लाइन काट दी जाएगी।
  • स्क्रीन मिररिंग का जाल: जालसाज भुगतान सत्यापन के नाम पर पीड़ित को AnyDesk, RustDesk या TeamViewer QuickSupport जैसी मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए कहता है।
  • बैंक खाता खाली होना: ऐप इंस्टॉल होने के बाद, जालसाज पीड़ित के मोबाइल की स्क्रीन को लाइव देखता है। जब पीड़ित अपना नेट बैंकिंग खोलता है या यूपीआई पिन दर्ज करता है, तो ठग पिन नोट कर लेता है और एसएमएस के जरिए आने वाले ओटीपी को देखकर पीड़ित के खाते का सारा पैसा ट्रांसफर कर लेता है।

3. संदिग्ध मैसेज आने पर तुरंत क्या करें?

यदि आपको बिजली कनेक्शन कटने का कोई संदेश मिले:

  • मैसेज में दिए नंबर पर कॉल न करें: किसी भी व्यक्तिगत 10-अंकीय नंबर पर संपर्क करने की भूल न करें।
  • अपने बिल की जांच स्वयं करें: अपने बिजली बिल का असली स्टेटस जानने के लिए बिजली प्रदाता की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें, या Paytm, Google Pay, PhonePe के बिल पेमेंट सेक्शन में जाकर चेक करें।
  • 1912 पर कॉल करें: पूरे भारत में बिजली शिकायतों के लिए 1912 एक आधिकारिक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर है। आप इस पर कॉल करके अपने बिल और बिजली कंपनी से जुड़ी किसी भी सूचना की पुष्टि कर सकते हैं।
  • कॉल पर ऐप डाउनलोड न करें: किसी अनजान व्यक्ति के निर्देश पर अपने फोन में कोई भी रिमोट स्क्रीन-शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें।

4. जालसाजों की रिपोर्ट करने की प्रक्रिया

संदिग्ध नंबरों को ब्लॉक करने और धोखाधड़ी से बचने के लिए तुरंत रिपोर्ट करें। कृपया ध्यान दें कि ComplaintAdda एक स्वतंत्र नागरिक सूचना मंच है और इसका सरकार से कोई संबंध नहीं है। आपको सीधे आधिकारिक पोर्टलों पर रिपोर्ट दर्ज करनी होगी:

चरण 1: संचार साथी के चक्षु (Chakshu) पोर्टल पर रिपोर्ट करें

यदि आपको केवल फ्रॉड मैसेज आया है और आपने कोई पैसा नहीं खोया है, तो इसकी रिपोर्ट Chakshu पोर्टल पर करें। इससे दूरसंचार विभाग (DoT) संदिग्ध नंबर की जांच करके उसे ब्लॉक कर सकता है:

  • आधिकारिक संचार साथी पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर जाएं।
  • Citizen Centric Services के तहत Chakshu (Report Suspected Fraud Communication) पर क्लिक करें।
  • SMS या Voice Call का माध्यम चुनें।
  • धोखाधड़ी की श्रेणी में Impersonation as Govt Official / Utility चुनें।
  • ठग का मोबाइल नंबर, मैसेज आने की तारीख, समय और संदेश का विवरण दर्ज करें।
  • सबूत के तौर पर मैसेज का स्क्रीनशॉट अपलोड करें और ओटीपी सत्यापित कर सबमिट करें।

चरण 2: साइबर क्राइम रिपोर्ट दर्ज करें (यदि धोखाधड़ी हुई हो)

यदि आपके खाते से पैसे कट चुके हैं:

  • तुरंत 1930 पर कॉल करें: वित्तीय धोखाधड़ी के पहले 1 से 2 घंटे के भीतर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें ताकि बैंक स्कैमर के खाते में पैसे ट्रांसफर होने से रोक सके।
  • cybercrime.gov.in पर शिकायत करें: आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर लिखित शिकायत दर्ज करें, जिसमें सभी सबूत और बैंक स्टेटमेंट संलग्न करें।

5. रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आवश्यक साक्ष्य

  • आने वाले संदेश का साफ स्क्रीनशॉट जिसमें भेजने वाले का नंबर और समय साफ दिखाई दे।
  • वह मोबाइल नंबर जिस पर आपको कॉल करने के लिए कहा गया था।
  • यदि पैसों का नुकसान हुआ है, तो बैंक स्टेटमेंट की कॉपी जिसमें ट्रांजैक्शन यूटीआर (UTR) संख्या दर्ज हो।
  • ठग द्वारा डाउनलोड कराई गई रिमोट एक्सेस ऐप का नाम।

6. सामान्य गलतियाँ जिनसे बचना जरूरी है

  • गलती 1: 10-अंकीय नंबर को असली मानना: बिजली कंपनियां हमेशा आधिकारिक संदेश अल्फाबेटिक हेडर (जैसे BSESDL, UPPCL) से भेजती हैं, न कि साधारण 10-अंकीय नंबर से।
  • गलती 2: छोटा टोकन पेमेंट करना: जालसाज कार्ड विवरण या यूपीआई पिन चुराने के लिए ₹10 का भुगतान करने को कहते हैं। कभी भी अनधिकृत लिंक पर कार्ड डिटेल्स न भरें।
  • गलती 3: फोन स्क्रीन शेयर करना: कोई भी सरकारी विभाग या बिजली कंपनी बिल जांचने के लिए आपके फोन की स्क्रीन शेयर करने की मांग नहीं करती है।
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Sumit Tiwari

सत्यापित लेखक

संस्थापक एवं मुख्य संपादक, ComplaintAdda

सुमित तिवारी बी.टेक (B.Tech) छात्र और तकनीकी प्रेमी हैं, जो उपभोक्ता जागरूकता, साइबर सुरक्षा और सार्वजनिक शिकायत निवारण पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वह नागरिकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए सामग्री अनुसंधान, संपादकीय समीक्षा और स्रोत सत्यापन की देखरेख करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नहीं। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 56 के अनुसार, बकाया बिल के कारण कनेक्शन काटने से पहले बिजली कंपनियों को कम से कम 15 दिन का लिखित नोटिस देना अनिवार्य है।
तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन (1930) पर कॉल करें ताकि बैंक द्वारा संदिग्ध खातों में लेन-देन रोका जा सके, और तुरंत cybercrime.gov.in पर विस्तृत शिकायत दर्ज करें।
हाँ। 1912 विद्युत मंत्रालय द्वारा बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों और सहायता के लिए जारी किया गया एक राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर है जो भारत के लगभग सभी राज्यों में काम करता है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। कार्रवाई करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
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