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Banking & Paymentsसरकारी परिपत्रों से सत्यापितअंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026समीक्षक: Sumit Tiwari

UPI चार्जबैक प्रक्रिया: गलत या अटके ट्रांजेक्शन पर NPCI व बैंक में शिकायत, रिफंड व ₹100/दिन मुआवजा गाइड

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आज भारत में हर महीने अरबों लेन-देन को संभालता है। लेकिन जब कोई तुरंत किया गया भुगतान अटक जाता है—यानी आपके बैंक खाते से पैसे कट जाते हैं पर न तो प्राप्तकर्ता को मिलते हैं और न ही वापस आते हैं—या किसी गलत नंबर पर पैसा ट्रांसफर हो जाता है, तो उपभोक्ता अक्सर परेशान हो जाते हैं। मोबाइल ऐप्स के चैटबॉट अक्सर '48 से 72 घंटे प्रतीक्षा करें' का घिसा-पिटा संदेश देकर मामले को अटका देते हैं। उपभोक्ताओं के लिए यह जानना आवश्यक है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने इसके लिए सख्त कानूनी और विनियामक समयसीमाएं तय की हैं। RBI के Harmonisation of Turn Around Time (TAT) सर्कुलर (DPSS.CO.PD No.629/02.01.014/2019-20) के अनुसार, विफल P2P ट्रांसफर T + 1 कार्यदिवस में और विफल मर्चेंट (P2M) भुगतान T + 5 कार्यदिवसों में स्वतः वापस आना अनिवार्य है। यदि बैंक इस समयसीमा में विफल रहता है, तो वह ₹100 प्रतिदिन के हिसाब से वैधानिक मुआवजा देने के लिए बाध्य है। ध्यान रहे कि ₹100/दिन का मुआवजा केवल तकनीकी विफलता पर लागू होता है—गलत नंबर पर खुद पैसे भेजने या पिन-अधिकृत साइबर फ्रॉड पर नहीं। यह 2026 गाइड आपको समझाती है कि 12 अंकों के UTR का उपयोग कैसे करें, शिकायत की 4-स्तरीय प्रणाली (App → Bank → NPCI → RBI Ombudsman), NPCI सर्कुलर 184B/2025-26 के तहत बैंक-स्तरीय RGNB प्रक्रिया और गलत क्रेडिट पर 15-दिवसीय Deemed Acceptance नियम क्या है।

1. मुख्य सारांश: तुरंत उठाए जाने वाले कदम (Checklist)

यदि आपका UPI ट्रांजेक्शन फेल हो गया है, पैसे कट गए हैं पर सामने वाले को नहीं मिले, या किसी गलत नंबर पर ट्रांसफर हो गए हैं, तो बिना समय गंवाए ये कदम उठाएं:

  • 12 अंकों का UTR (UPI Reference Number) खोजें: अपने UPI ऐप (PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM, Cred) या बैंक स्टेटमेंट एसएमएस में जाएं और 12 अंकों का UTR / RRN नंबर नोट करें। इस 12 अंकों के नंबर के बिना कोई भी बैंक या NPCI केंद्रीय स्विच पर आपके लेनदेन को ट्रैक नहीं कर सकता।
  • UPI ऐप में तुरंत डिस्प्यूट (Dispute) दर्ज करें: ऐप में उस विशिष्ट लेनदेन पर क्लिक करें, "Having issues?" या "Help / समस्या दर्ज करें" पर जाएं और उपयुक्त विकल्प चुनें। यदि पैसे कटने पर भी प्राप्तकर्ता को नहीं मिले, तो *"Money debited but not received by beneficiary"* चुनें।
  • RBI के अनिवार्य ऑटो-रिवर्सल समय (TAT) को समझें:

* P2P ट्रांसफर (व्यक्ति से व्यक्ति): बैंक के पास आपके पैसे स्वतः वापस लौटाने के लिए T + 1 कार्यदिवस का समय होता है।

* P2M ट्रांसफर (दुकानदार / मर्चेंट भुगतान): यदि मर्चेंट लोकेशन पर पुष्टिकरण नहीं मिला, तो बैंक के पास स्वतः रिफंड के लिए T + 5 कार्यदिवस का समय होता है।

  • अपने बैंक में औपचारिक चार्जबैक (Chargeback) दाखिल करें: यदि निर्धारित TAT के भीतर पैसा वापस नहीं आता है, तो जिस बैंक से पैसे कटे हैं (Remitter Bank) उससे संपर्क करें और 12 अंकों के UTR का हवाला देते हुए UPI Chargeback Form भरें।
  • NPCI पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें: यदि बैंक टालमटोल करे या संतोषजनक जवाब न दे, तो NPCI के आधिकारिक पोर्टल (npci.org.in) पर बैंक स्टेटमेंट अपलोड करके शिकायत दर्ज करें।
  • ₹100/दिन का अनिवार्य मुआवजा मांगें (केवल तकनीकी विफलता पर): यदि बैंक ने तकनीकी रूप से विफल लेनदेन का पैसा निर्धारित समय (P2P के लिए T+1, P2M के लिए T+5) के बाद लौटाया है, तो RBI सर्कुलर DPSS.CO.PD No.629/02.01.014/2019-20 के तहत ₹100 प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा मांगें।
  • RB-IOS 2026 के तहत RBI लोकपाल में शिकायत करें: यदि बैंक 30 दिनों में समाधान नहीं करता है, वैध चार्जबैक खारिज करता है या मुआवजा देने से इनकार करता है, तो cms.rbi.org.in पर या हेल्पलाइन 14448 पर लोकपाल में शिकायत दर्ज कराएं।

2. यूपीआई विवादों के 3 प्रकार: सही कानूनी रास्ता पहचानें

शिकायत दर्ज करने से पहले यह पहचानना आवश्यक है कि आपका मामला किस श्रेणी में आता है, क्योंकि तीनों के नियम और कानूनी उपाय बिल्कुल अलग हैं:

⚡

Resolution & Escalation Workflow

1

यूपीआई ट्रांजेक्शन विवाद

2

श्रेणी A: तकनीकी विफलता] [श्रेणी B: गलत खाते में ट्रांसफर] [श्रेणी C: साइबर फ्रॉड

3

RBI Harmonised TAT नियम] [बैंक-स्तरीय RGNB / मध्यस्थता] साइबर हेल्पलाइन 1930

श्रेणी A: तकनीकी विफलता (Auto-Reversal व मुआवजा योग्य)

  • क्या हुआ: आपने क्यूआर कोड स्कैन किया या पैसे भेजे, पिन डाला, खाते से पैसे कटे लेकिन स्क्रीन पर "Payment Failed" या "Pending" आ गया और सामने वाले को पैसे नहीं मिले।
  • कारण: भेजने वाले बैंक, एनपीसीआई के केंद्रीय स्विच और पाने वाले बैंक के बीच सर्वर टाइमआउट।
  • लागू नियम: RBI Harmonised TAT सर्कुलर के तहत P2P में T + 1 कार्यदिवस और P2M में T + 5 कार्यदिवस में स्वतः रिफंड। देरी होने पर बैंक ग्राहक को ₹100 प्रतिदिन मुआवजा देने को बाध्य है।

श्रेणी B: गलत प्राप्तकर्ता को ट्रांसफर (मानवीय भूल)

  • क्या हुआ: पैसे भेजते समय आपने गलती से एक अंक गलत टाइप कर दिया या गलत UPI ID डाल दी। पैसे सफलतापूर्वक किसी अनजान व्यक्ति के खाते में चले गए।
  • कारण: उपयोगकर्ता की मानवीय चूक (User entry error)।
  • लागू नियम: इस पर कोई ₹100/दिन का मुआवजा लागू नहीं होता। बैंक अपनी मर्जी से किसी के खाते से पैसे नहीं काट सकता। आपके बैंक को सामने वाले के बैंक से संपर्क करके सहमति से पैसे लौटाने का अनुरोध करना होता है। यदि प्राप्तकर्ता मना करे, तो भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 72 और भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023) की धारा 316 के तहत कानूनी कार्रवाई करनी होती है।

श्रेणी C: ऑनलाइन धोखाधड़ी (Cyber Fraud)


3. यूपीआई शिकायत की 4-स्तरीय प्रणाली (Escalation Ladder)

स्तर (Tier)शिकायत निवारण प्राधिकारीमाध्यम / चैनलसमाधान की समयसीमाउनका कार्य
स्तर 1 (Tier 1)UPI ऐप / TPAPइन-ऐप हेल्प बटन (Google Pay, PhonePe, Paytm)तुरंत से 48 घंटेबैंक स्विच से स्टेटस चेक करना और आंतरिक सिंक करना।
स्तर 2 (Tier 2)भेजने वाला बैंक (Remitter Bank)नेटबैंकिंग, शाखा में फॉर्म, कस्टमर केयरT+1 से 5 कार्यदिवसNPCI के URCS नेटवर्क पर औपचारिक इंटरबैंक चार्जबैक दर्ज करना।
स्तर 3 (Tier 3)NPCI पोर्टलआधिकारिक डिस्प्यूट निवारण पोर्टल (npci.org.in)7 से 15 कार्यदिवसदोनों बैंकों के बीच केंद्रीय स्विच के ट्रांजेक्शन लॉग की जांच करना।
स्तर 4 (Tier 4)आरबीआई लोकपालCMS पोर्टल (cms.rbi.org.in) / हेल्पलाइन 1444830 दिन तकRB-IOS 2026 के तहत सेवा में कमी पर बाध्यकारी आदेश व मुआवजा दिलाना।
---

4. प्रत्येक स्तर पर शिकायत दर्ज करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

स्तर 1: UPI ऐप में डिस्प्यूट दर्ज करना

  • अपना UPI ऐप खोलें और Transaction History (लेन-देन इतिहास) में जाएं।
  • उस विशिष्ट लेनदेन को चुनें जो अटका या फेल हुआ है।
  • "Having issues with this transaction?" या "मदद लें" पर क्लिक करें।
  • कारण चुनें: *"Amount debited but beneficiary not received (खाते से पैसे कटे पर सामने वाले को नहीं मिले)"*।
  • ऐप द्वारा जारी शिकायत टिकट नंबर और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।

स्तर 2: अपने बैंक में औपचारिक चार्जबैक (Chargeback) दाखिल करना

यदि निर्धारित TAT में पैसा वापस न आए, तो अपने बैंक (जिस खाते से पैसे कटे हैं) से संपर्क करें:

  • नेटबैंकिंग या मोबाइल ऐप: लॉगिन करें $
  • ightarrow$ Services / Grievance $ ightarrow$ UPI Dispute Registration।
  • शाखा में भौतिक फॉर्म भरें: अपनी बैंक शाखा में जाकर "UPI Dispute / Chargeback Form" मांगें। इसमें भरें:

* आपका बैंक खाता नंबर व रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर।

* लेन-देन की तिथि व सटीक समय।

* 12 अंकों का UTR / RRN नंबर (अनिवार्य)।

* भेजने वाले व पाने वाले की UPI ID (VPA)।

* विवादित राशि।

* कारण कोड: Beneficiary account not credited (Reason Code 101/U01)।

  • बैंक से Service Request (SR) नंबर अवश्य प्राप्त करें।

स्तर 3: NPCI पोर्टल पर सीधे शिकायत दर्ज करना

यदि बैंक टालमटोल करे या संतोषजनक जवाब न दे:

  • आधिकारिक NPCI UPI Dispute Redressal Page खोलें:

https://www.npci.org.in/what-we-do/upi/dispute-redressal-mechanism

  • "Complaint" टैब पर क्लिक करें $
  • ightarrow$ "Transaction" चुनें।
  • लेनदेन का प्रकार चुनें:

* Person to Person (P2P): यदि किसी व्यक्ति या मित्र को भेजा था।

* Person to Merchant (P2M): यदि किसी दुकानदार, वेबसाइट या बिलर को भेजा था।

  • समस्या का प्रकार (Issue) चुनें:

* *Amount debited but not credited to beneficiary account (तकनीकी विफलता)*

* *Transaction timed out but amount debited*

* *Incorrectly transferred to another account (गलत खाते में गया)*

  • अनिवार्य विवरण दर्ज करें:

* 12 अंकों का UPI Transaction Reference (UTR) नंबर।

* अपने बैंक का नाम।

* अपनी UPI ID (VPA)।

* सटीक राशि और लेन-देन की तारीख।

* ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर।

  • अपने बैंक स्टेटमेंट का पीडीएफ या फोटो अपलोड करें जिसमें पैसे कटने की एंट्री साफ दिख रही हो।
  • Submit दबाएं। आपको ईमेल और एसएमएस पर शिकायत संदर्भ संख्या मिल जाएगी।

5. आरबीआई Harmonised TAT नियम व ₹100/दिन का अनिवार्य मुआवजा

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त नियम बनाए हैं:

[!IMPORTANT]
आरबीआई सर्कुलर संदर्भ: DPSS.CO.PD No.629/02.01.014/2019-20 (Harmonisation of Turn Around Time (TAT) and customer compensation for failed transactions).
> * P2P विफल ट्रांसफर (व्यक्ति से व्यक्ति): T + 1 कार्यदिवस में स्वतः रिफंड अनिवार्य।
* P2M विफल भुगतान (मर्चेंट / दुकानदार): T + 5 कार्यदिवस में स्वतः रिफंड अनिवार्य (जहां मर्चेंट को पुष्टिकरण नहीं मिला)।
* अनिवार्य विलंब मुआवजा: यदि बैंक निर्धारित समयसीमा में पैसा वापस नहीं करता है, तो ग्राहक को ₹100 प्रतिदिन के हिसाब से स्वतः मुआवजा देना अनिवार्य है।

मुआवजे की गणना कैसे होती है (P2P बनाम P2M):

  • उदाहरण 1 (P2P ट्रांसफर): आपने सोमवार (दिन T) को मित्र को ₹5,000 भेजे। पैसे कटे पर ट्रांसफर फेल हो गया।

* मंगलवार (T + 1): बैंक के पास शाम तक पैसा लौटाने का कानूनी समय है।

* बुधवार (T + 2): यदि पैसा नहीं आया, तो ₹100/दिन हर्जाना लगना शुरू हो जाता है।

* शुक्रवार (T + 4): यदि शुक्रवार को पैसा आता है, तो 3 दिन की देरी हुई। बैंक को मूल ₹5,000 + ₹300 का मुआवजा देना होगा।

  • उदाहरण 2 (P2M मर्चेंट भुगतान): आपने सोमवार (दिन T) को किसी दुकान या वेबसाइट पर ₹2,000 का भुगतान किया। मर्चेंट को पुष्टिकरण नहीं मिला।

* बैंक के पास स्वतः रिफंड के लिए T + 5 कार्यदिवस का समय होता है।

* ₹100/दिन का मुआवजा 6वें कार्यदिवस से लागू होता है।

किन मामलों में ₹100/दिन का मुआवजा लागू नहीं होता?

  • गलत खाते में ट्रांसफर: यदि आपने गलती से गलत VPA या नंबर डाला, तो सिस्टम के स्तर पर लेनदेन सफल हुआ था। इस पर TAT मुआवजा लागू नहीं होता।
  • अधिकृत धोखाधड़ी / साइबर फ्रॉड: यदि आपने किसी झांसे में आकर खुद पिन दर्ज किया, तो इस पर TAT मुआवजा लागू नहीं होता।

6. गलत UPI ट्रांसफर की वापसी: NPCI सर्कुलर 184B (RGNB) व 15-दिवसीय नियम

गलत नंबर पर पैसा ट्रांसफर होने पर बैंक अपनी मर्जी से किसी के खाते से सीधे पैसे वापस नहीं काट सकता।

RGNB क्या है? (NPCI Operating Circular 184B/2025-26)

[!NOTE]
आधिकारिक विनियामक संदर्भ: NPCI/UPI/OC No. 184B/2025-26 (Modification in UPI chargeback rules and Remitting Bank Raising Good Faith Negative Chargeback - RGNB).
> * बैंक-स्तरीय आंतरिक प्रणाली: RGNB कोई ऐसा फॉर्म नहीं है जिसे आम उपभोक्ता सीधे NPCI को सबमिट कर सके। यह NPCI के URCS प्लेटफॉर्म पर बैंकों के लिए उपलब्ध एक आंतरिक व्यवस्था है।
* उद्देश्य: जब किसी वास्तविक ग्राहक विवाद में चार्जशीट संख्या सीमा (जैसे CD1 या CD2 कोड) के कारण शुरुआती चार्जबैक खारिज हो जाता है, तो प्रेषक बैंक बिना NPCI के मैन्युअल हस्तक्षेप के सीधे URCS के फ्रंट-एंड से "गुड फेथ चार्जबैक" दर्ज कर सकता है।
* उपभोक्ता को क्या करना है: ग्राहक को अपने मूल बैंक में संपर्क करके गलत ट्रांसफर की रिपोर्ट दर्ज करानी होती है। बैंक उचित जांच के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है।

गलत क्रेडिट पर 15-दिवसीय "Deemed Accepted" नियम

NPCI के अद्यतन नियमों के अनुसार:

  • गलत क्रेडिट (Wrong Credit) और धोखाधड़ी के मामलों में लाभार्थी बैंक को जवाब देने की समयसीमा को 35 दिनों से घटाकर 15 कैलेंडर दिन कर दिया गया है।
  • स्वचालित निपटान: यदि सामने वाले का बैंक इस 15 दिनों की समयसीमा में जवाब नहीं देता या विवाद का बचाव नहीं करता, तो सिस्टम द्वारा चार्जबैक को स्वतः "Deemed Accepted" मान लिया जाता है और राशि वापस प्रेषक बैंक को सेटल कर दी जाती है।

यदि प्राप्तकर्ता पैसे लौटाने से मना कर दे तो?

  • यदि अनजान व्यक्ति पैसे लौटाने की सहमति नहीं देता, तो बैंक जबरन पैसे नहीं काट सकता।
  • भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 72: भूलवश मिले धन को लौटाना प्राप्तकर्ता का कानूनी दायित्व है।
  • भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023) की धारा 316 (पूर्ववर्ती 403 IPC): गलती से आए पैसे को जानकर खर्च करना संपत्ति का आपराधिक गबन है।
  • बैंक की रिपोर्ट के साथ स्थानीय पुलिस या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं ताकि पुलिस नोटिस जारी कर बैंक से पैसे वापस करा सके।

7. शिकायत दर्ज करने के लिए आवश्यक विवरण

आवश्यक जानकारीकहाँ मिलेगीउपयोग
12 अंकों का UTR / RRNऐप हिस्ट्री / बैंक एसएमएस / पासबुकNPCI केंद्रीय स्विच पर लेनदेन की पहचान करने के लिए अनिवार्य कोड।
भेजने वाले की UPI IDऐप प्रोफाइल (जैसे name@oksbi)मूल बैंक खाते की पहचान।
पाने वाले की UPI ID / नंबरट्रांजेक्शन रसीदगंतव्य खाते की पहचान।
सटीक समय व तारीखइन-ऐप रसीदस्विच लॉग मिलान के लिए।
ट्रांजेक्शन राशिबैंक स्टेटमेंटसटीक मिलान के लिए।
बैंक स्टेटमेंट (PDF)नेटबैंकिंग डाउनलोडपैसे कटने का पुख्ता प्रमाण।
---

8. RB-IOS 2026 के तहत आरबीआई लोकपाल में शिकायत

यदि बैंक समाधान नहीं करता, तो आप केंद्रीय बैंक के पास जा सकते हैं:

पूर्व-शर्त (Prerequisite)

रिजर्व बैंक - एकीकृत लोकपाल योजना, 2026 (RB-IOS, 2026) के तहत आप सीधे लोकपाल के पास नहीं जा सकते:

  • पहले अपने बैंक में लिखित शिकायत दर्ज करें।
  • बैंक के जवाब के लिए 30 कैलेंडर दिनों तक प्रतीक्षा करें (जब तक बैंक पहले ही शिकायत खारिज न कर दे)।
  • 30 दिन पूरे होने या बैंक का नकारात्मक जवाब आने के 90 दिनों के भीतर लोकपाल में शिकायत दर्ज करें।

आरबीआई लोकपाल क्या कर सकता है और क्या नहीं?

  • कर सकता है: बैंक की सेवा में कमी (जैसे चार्जबैक प्रोसेस न करना, RBI TAT नियमों का पालन न करना, या ₹100/दिन का मुआवजा न देना) पर बैंक को कड़ा आदेश जारी कर सकता है।
  • नहीं कर सकता: यदि आपने खुद किसी ठग के बहकावे में आकर अपना पिन डाला है, या यदि अनजान व्यक्ति पैसे निकाल चुका है और बैंक की कोई लापरवाही नहीं है, तो लोकपाल सीधे पैसे वापस दिलाने का कोई जादुई आदेश जारी नहीं कर सकता।

9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्र1: UPI Transaction ID और UTR नंबर में क्या अंतर है?

UPI Transaction ID वह नंबर होता है जो आपका मोबाइल ऐप (Google Pay या PhonePe) आंतरिक रूप से बनाता है। जबकि UTR (Unique Transaction Reference) या RRN वह 12 अंकों का आधिकारिक कोड होता है जो बैंक और NPCI के केंद्रीय सर्वर द्वारा जारी किया जाता है। बैंक या NPCI में शिकायत दर्ज करने के लिए केवल 12 अंकों का UTR नंबर ही मान्य होता है।

प्र2: क्या ₹100 प्रतिदिन का मुआवजा सभी यूपीआई समस्याओं पर लागू होता है?

नहीं। RBI सर्कुलर DPSS.CO.PD No.629/02.01.014/2019-20 के तहत ₹100/दिन का मुआवजा केवल तकनीकी विफलताओं पर लागू होता है (जहां पैसे कटे पर सिस्टम टाइमआउट से सामने वाले को नहीं मिले)। यह P2P के लिए T+1 दिन और P2M मर्चेंट भुगतान के लिए T+5 दिन के बाद लागू होता है। यह गलत VPA टाइप करने या साइबर फ्रॉड पर लागू नहीं होता।

प्र3: क्या कोई उपभोक्ता सीधे NPCI पोर्टल पर RGNB चार्जबैक दर्ज कर सकता है?

नहीं। NPCI/UPI/OC No. 184B/2025-26 के तहत RGNB (Remitting Bank Raising Good Faith Negative Chargeback) विशुद्ध रूप से एक बैंक-स्तरीय आंतरिक व्यवस्था है। इसका उपयोग बैंक अपने URCS सिस्टम के जरिए करते हैं जब सामान्य चार्जबैक सीमा समाप्त हो चुकी हो। उपभोक्ता को अपने बैंक से संपर्क करना होता है; सीधे NPCI में RGNB दर्ज नहीं किया जा सकता।

प्र4: गलत क्रेडिट होने पर सामने वाले के बैंक के पास जवाब देने का कितना समय होता है?

NPCI के अद्यतन विनियामक नियमों के अनुसार, गलत क्रेडिट और धोखाधड़ी के चार्जबैक पर लाभार्थी बैंक के लिए जवाब देने की समयसीमा को 35 दिनों से घटाकर 15 कैलेंडर दिन कर दिया गया है। यदि लाभार्थी बैंक 15 दिनों में जवाब नहीं देता, तो चार्जबैक को स्वतः "Deemed Accepted" मान लिया जाता है।

प्र5: क्या लॉटरी या क्यूआर कोड फ्रॉड में पिन डालने पर बैंक चार्जबैक से रिफंड मिल सकता है?

नहीं। बैंकिंग व्यवस्था में ग्राहक द्वारा अधिकृत लेन-देन को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन से अलग माना जाता है। साधारण बैंक चार्जबैक और RBI TAT मुआवजा ऐसे मामलों पर लागू नहीं होते, जबकि धोखाधड़ी और उपभोक्ता संरक्षण उपचार मामले के तथ्यों व नियमों पर निर्भर करते हैं। संदिग्ध साइबर फ्रॉड के मामलों में आपको तुरंत 1930 पर कॉल करके या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए ताकि BNSS की धारा 106 के तहत खाते पर त्वरित रोक लगवाई जा सके।


[!NOTE]
कानूनी अस्वीकरण: यह मार्गदर्शिका केवल सामान्य जागरूकता और सूचना के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे कानूनी या वित्तीय सलाह न माना जाए। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के सर्कुलर व नियम समय-समय पर संशोधित होते रहते हैं। किसी भी जटिल वित्तीय विवाद या साइबर धोखाधड़ी के मामले में अपने बैंक, योग्य वित्तीय सलाहकार या संबंधित कानूनी प्राधिकारी से परामर्श अवश्य लें।
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Sumit Tiwari

सत्यापित लेखक

संस्थापक एवं मुख्य संपादक, ComplaintAdda

सुमित तिवारी बी.टेक (B.Tech) छात्र और तकनीकी प्रेमी हैं, जो उपभोक्ता जागरूकता, साइबर सुरक्षा और सार्वजनिक शिकायत निवारण पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वह नागरिकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए सामग्री अनुसंधान, संपादकीय समीक्षा और स्रोत सत्यापन की देखरेख करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UPI Transaction ID आपके पेमेंट ऐप (Google Pay, PhonePe) द्वारा जनरेट किया गया आंतरिक नंबर होता है, जबकि 12 अंकों का UTR / RRN नंबर NPCI केंद्रीय बैंकिंग स्विच द्वारा जारी आधिकारिक कोड होता है। बैंक चार्जबैक और NPCI शिकायतों के लिए केवल 12 अंकों का UTR नंबर ही मान्य होता है।
नहीं। RBI सर्कुलर DPSS.CO.PD No.629/02.01.014/2019-20 के तहत ₹100/दिन का मुआवजा केवल तकनीकी विफलताओं पर लागू होता है (P2P के लिए T+1 दिन और P2M मर्चेंट भुगतान के लिए T+5 दिन के बाद)। यह गलत VPA टाइप करने या साइबर फ्रॉड पर लागू नहीं होता।
नहीं। NPCI/UPI/OC No. 184B/2025-26 के तहत RGNB विशुद्ध रूप से एक बैंक-स्तरीय आंतरिक व्यवस्था है जिसका उपयोग बैंक अपने URCS सिस्टम के जरिए करते हैं। उपभोक्ता को अपने बैंक से संपर्क करना होता है; सीधे NPCI में RGNB दर्ज नहीं किया जा सकता।
NPCI के अद्यतन विनियामक नियमों के अनुसार, गलत क्रेडिट और धोखाधड़ी के चार्जबैक पर लाभार्थी बैंक के लिए जवाब देने की समयसीमा को 35 दिनों से घटाकर 15 कैलेंडर दिन कर दिया गया है। यदि लाभार्थी बैंक 15 दिनों में जवाब नहीं देता, तो चार्जबैक को स्वतः 'Deemed Accepted' मान लिया जाता है।
नहीं। बैंकिंग नियमों में ग्राहक द्वारा स्वयं अधिकृत लेनदेन को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन से अलग माना जाता है, इसलिए साधारण बैंक चार्जबैक और RBI TAT मुआवजा ऐसे मामलों पर लागू नहीं होते। धोखाधड़ी और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े उपाय मामले के तथ्यों व नियमों पर निर्भर करते हैं। संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में आपको तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए ताकि BNSS की धारा 106 के तहत खाते पर त्वरित रोक लगवाई जा सके।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। कार्रवाई करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
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