ComplaintAdda
Cyber Safetyसरकारी परिपत्रों से सत्यापितअंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026समीक्षक: Sumit Tiwari

Sanchar Saathi Chakshu Portal: फर्जी कॉल, स्पैम SMS और व्हाट्सएप मैसेज की ऑनलाइन रिपोर्ट कैसे करें (2026 गाइड)

भारत में दूरसंचार नेटवर्क के जरिए नागरिकों को ठगने और डराने के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। कभी TRAI या दूरसंचार विभाग के नाम पर 2 घंटे में सिम बंद करने की फर्जी रोबोकॉल आती है, तो कभी सीबीआई, पुलिस या कस्टम्स अधिकारी बनकर 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) के जरिए लाखों रुपये ऐंठने की साजिश रची जाती है। साइबर अपराधी आम लोगों को फंसाने के लिए वॉयस कॉल, फर्जी SMS और व्हाट्सएप संदेशों का सहारा लेते हैं। इस आपराधिक ढांचे को आर्थिक नुकसान होने से पहले ही ध्वस्त करने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने संचार साथी पोर्टल के तहत 'चक्षु' (Chakshu) सुविधा शुरू की है। चक्षु एक नागरिक-संचालित इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है जहाँ आप किसी भी संदिग्ध फर्जी कॉल या मैसेज की तुरंत रिपोर्ट कर सकते हैं। आपकी रिपोर्ट के आधार पर दूरसंचार विभाग उन फर्जी नंबरों की पहचान कर बायोमेट्रिक सत्यापन कराता है और विफल होने पर सिम और हैंडसेट (IMEI) दोनों को पूरे भारत में ब्लॉक कर देता है। यह संपूर्ण 2026 गाइड आपको बताएगी कि चक्षु पर रिपोर्ट कैसे करें, कौन से साक्ष्य जरूरी हैं, रिपोर्ट के बाद क्या कार्रवाई होती है, और यह सेवा 1930 व TRAI DND से कैसे अलग है।

1. सीधा उत्तर: संदिग्ध फ्रॉड कॉल, SMS या व्हाट्सएप मैसेज मिलने पर तुरंत क्या करें?

आज भारत में हर दिन लाखों नागरिकों को डराने, धमकाने या लालच देने वाले फर्जी फोन कॉल, भ्रामक SMS और व्हाट्सएप संदेश प्राप्त होते हैं। कभी 2 घंटे में मोबाइल नंबर बंद करने की धमकी दी जाती है, कभी पार्सल में ड्रग्स मिलने के नाम पर 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) का नाटक किया जाता है, तो कभी आज रात बिजली कटने या बैंक केवाईसी एक्सपायर होने का भय दिखाया जाता है।

यदि आपको भी ऐसा कोई संदिग्ध संदेश या कॉल आया है, तो इस 5-चरणीय आपातकालीन प्रोटोकॉल का पालन करें:

  • तुरंत वित्तीय स्थिति की जांच करें (Financial Triage):

* क्या आपका पैसा कट चुका है या आपने ओटीपी/यूपीआई पिन साझा कर दिया है?

* हाँ: तो चक्षु (Chakshu) पर समय व्यर्थ न करें। तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें ताकि बैंक खातों में पैसे के ट्रांसफर को तुरंत फ्रीज कराया जा सके।

* नहीं: यदि आपने जालसाज की चाल को समय रहते पकड़ लिया और कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है, तो यह मामला सीधे तौर पर संचार साथी — चक्षु (Chakshu) रिपोर्टिंग सुविधा के अंतर्गत आता है।

  • बातचीत को तुरंत समाप्त करें:

* कॉल को तुरंत काट दें। कीपैड पर कोई भी नंबर न दबाएं (जैसे "एग्जीक्यूटिव से बात करने के लिए 9 दबाएं"), मैसेज का कोई जवाब न दें और किसी भी लिंक या APK फाइल पर क्लिक न करें।

  • साक्ष्य (स्क्रीनशॉट) सुरक्षित करें:

* संदिग्ध कॉल हिस्ट्री, SMS या व्हाट्सएप चैट का स्पष्ट स्क्रीनशॉट लें, जिसमें भेजने वाले का फोन नंबर या सेंडर आईडी (Header), तारीख और सटीक समय साफ दिखाई दे।

  • 30 दिनों की समय-सीमा जांचें:

* चक्षु पोर्टल केवल उन्हीं मामलों को स्वीकार करता है जो पिछले 30 कैलेंडर दिनों के भीतर घटित हुए हों। 30 दिन से पुराने संदेशों को पोर्टल स्वीकार नहीं करता।

  • चक्षु पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करें:

* आधिकारिक सरकारी पोर्टल sancharsaathi.gov.in/sfc/ पर जाएं। माध्यम (Call/SMS/WhatsApp) चुनें, फ्रॉड की श्रेणी चुनें, स्क्रीनशॉट अपलोड करें (अधिकतम 1 MB), जालसाज का नंबर दर्ज करें, घटना का संक्षिप्त विवरण लिखें और अपने मोबाइल पर आए ओटीपी से सत्यापित कर सबमिट करें।

[!IMPORTANT]
निवारक इंटेलिजेंस बनाम पुलिस एफआईआर (Preventive Intelligence vs. Police FIR):
दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) द्वारा शुरू किया गया चक्षु (Chakshu) पोर्टल एक नागरिक-केंद्रित टेलीकॉम इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य धोखाधड़ी में प्रयुक्त हो रहे मोबाइल नंबरों, सिम कार्डों और हैंडसेट (IMEI) की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करना है। चक्षु पर रिपोर्ट करने से कोई व्यक्तिगत पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं होती है और न ही यह डूबे हुए पैसे को वापस दिलाने का माध्यम है।

2. संचार साथी चक्षु पर किन श्रेणियों में रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है?

दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम धोखाधड़ी के बढ़ते तरीकों को संरचित श्रेणियों में वर्गीकृत किया है। जब आप चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करते हैं, तो आपको निम्नलिखित में से सही श्रेणी का चयन करना होता है:

⚡

Resolution & Escalation Workflow

1

चक्षु रिपोर्टिंग श्रेणियां

2

अधिकारियों का स्वांग] [वित्तीय व बिजली कटौती धमकी] [भ्रामक लिंक व प्रलोभन] ब्लैकमेलिंग व उगाही

1. सरकारी अधिकारी या जांच एजेंसी बनकर डराना (Impersonation Scams)

  • DoT / TRAI मोबाइल डिस्कनेक्शन धमकी: ऑटोमेटेड रोबोकॉल जिसमें कहा जाता है कि आपके आधार से जारी सभी सिम अवैध विज्ञापन या आपत्तिजनक गतिविधियों के कारण अगले 2 घंटे में बंद कर दिए जाएंगे।
  • डिजिटल अरेस्ट और पुलिस/सीबीआई का स्वांग: दिल्ली पुलिस, मुंबई क्राइम ब्रांच, सीबीआई (CBI), ईडी (ED), या नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नाम पर फर्जी वर्दी पहनकर वीडियो कॉल पर डराना और 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर बैंक बैलेंस ट्रांसफर करने का दबाव बनाना।
  • फर्जी कस्टम्स / कूरियर पार्सल (FedEx Scam): यह दावा करना कि आपके नाम से विदेश जा रहे पार्सल में नशीले पदार्थ (ड्रग्स), फर्जी पासपोर्ट या अवैध करेंसी मिली है और आप पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो रहा है।

2. वित्तीय सेवाएं, बिल और कनेक्शन बंद करने की धमकियां

  • बिजली कनेक्शन कटने का फर्जी SMS: यह संदेश आना कि पिछले महीने का बिजली बिल अपडेट न होने के कारण आज रात 9:30 बजे बिजली काट दी जाएगी, और समाधान के लिए किसी व्यक्तिगत 10-अंकीय नंबर पर संपर्क करने को कहना।
  • बैंक खाता व KYC एक्सपायरी धमकी: बैंक (SBI, HDFC, PNB आदि) के नाम से फर्जी SMS भेजकर यह दावा करना कि आपका खाता/डेबिट कार्ड ब्लॉक हो गया है और तुरंत लिंक पर जाकर पैन या आधार अपडेट करें।
  • सर्च इंजन पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर: गूगल सर्च या सोशल मीडिया पर फर्जी हेल्पलाइन नंबर डालकर ग्राहकों को कॉल पर फंसाना।

3. भ्रामक प्रलोभन, फर्जी नौकरियां और मैलवेयर लिंक्स

  • पार्ट-टाइम जॉब / यूट्यूब रिव्यू स्कैम: घर बैठे गूगल रिव्यू लिखने, यूट्यूब वीडियो लाइक करने या होटल रेटिंग के नाम पर रोजाना ₹3,000 से ₹8,000 कमाने का झांसा देना।
  • फर्जी शेयर मार्केट व निवेश योजनाएं: व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुपों में जोड़कर 200% से 500% मुनाफे का झूठा दावा करना और अनधिकृत ट्रेडिंग ऐप्स में पैसा लगवाना।
  • संदिग्ध APK और फिशिंग लिंक्स: सरकारी योजनाओं (पीएम किसान, मुफ्त स्मार्टफोन, फ्री रिचार्ज) या बैंक रिवॉर्ड्स (SBI_Rewards.apk) के नाम पर फोन में मैलवेयर इंस्टॉल करवाना।

4. साइबर ब्लैकमेल और सेक्सटॉर्शन

  • व्हाट्सएप वीडियो कॉल सेक्सटॉर्शन: अनजान नंबर से अचानक वीडियो कॉल आना, आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर स्क्रीन रिकॉर्ड कर लेना और फिर बदनामी का डर दिखाकर पैसे ऐंठना।

3. आम टेलीकॉम फ्रॉड संदेशों के वास्तविक प्रारूप (Real Scam Transcripts)

साइबर जालसाज मनोवैज्ञानिक दबाव और कानूनी भाषा का दुरुपयोग करके लोगों को आतंकित करते हैं। नीचे भारतीय टेलीकॉम नेटवर्क पर सबसे ज्यादा आने वाले फर्जी संदेशों और कॉल्स के वास्तविक उदाहरण दिए गए हैं:

उदाहरण 1: TRAI / DoT डिस्कनेक्शन रोबोकॉल का प्रारूप

⚡

Resolution & Escalation Workflow

1

text

उदाहरण 2: बिजली बिल कटने का फर्जी SMS

⚡

Resolution & Escalation Workflow

1

text
  • सच्चाई: राज्य विद्युत बोर्ड (DISCOM) कभी भी किसी व्यक्तिगत 10-अंकीय मोबाइल नंबर से संदेश नहीं भेजते। उनके संदेश हमेशा अधिकृत सरकारी हेडर (जैसे VK-UPPCL, BP-BSESDL) से आते हैं। दिए गए नंबर पर कॉल करने पर वे फोन में AnyDesk ऐप इंस्टॉल करवाते हैं।

उदाहरण 3: फर्जी कूरियर व कस्टम्स ड्रग्स पार्सल कॉल

⚡

Resolution & Escalation Workflow

1

text
  • सच्चाई: कोई भी कूरियर कंपनी पुलिस थाने में कॉल ट्रांसफर नहीं कर सकती। भारतीय पुलिस स्काइप या व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर न तो बयान दर्ज करती है और न ही डिजिटल अरेस्ट करती है।

4. चक्षु (Chakshu) बनाम साइबर क्राइम 1930 बनाम TRAI DND 1909: विस्तृत तुलना

अक्सर नागरिक यह समझ नहीं पाते कि उन्हें किस समस्या के लिए किस पोर्टल पर जाना चाहिए। गलत जगह शिकायत करने से समय बर्बाद होता है। नीचे दी गई तालिका तीनों प्रमुख सरकारी मंचों का स्पष्ट अंतर दर्शाती है:

तुलना का आधारसंचार साथी — चक्षु (sancharsaathi.gov.in/sfc/)राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930 / cybercrime.gov.in)TRAI DND 1909 (1909 / टेलीकॉम ऐप्स)
प्रबंधन विभागदूरसंचार विभाग (DoT), संचार मंत्रालय, भारत सरकारगृह मंत्रालय (MHA) और राज्य पुलिस साइबर सेलभारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI)
मुख्य उद्देश्यसंदिग्ध धोखाधड़ी नंबरों की रोकथाम, सिम डिस्कनेक्शन और हैंडसेट (IMEI) ब्लॉकिंगसाइबर वित्तीय धोखाधड़ी की जांच, डूबे हुए पैसों को फ्रीज कराना और कानूनी FIRअनचाहे कमर्शियल कॉल्स/SMS (UCC) पर रोक लगाना
नागरिक कब उपयोग करे?जब संदिग्ध कॉल या मैसेज आया हो, लेकिन कोई वित्तीय नुकसान न हुआ होजब बैंक खाते से अनधिकृत रूप से पैसे कट चुके हों या ब्लैकमेलिंग हो चुकी होजब वैध कंपनियों (बैंक लोन, क्रेडिट कार्ड, प्रॉपर्टी) के अनचाहे प्रचार कॉल्स आ रहे हों
रिपोर्टिंग की समय-सीमाघटना के 30 दिनों के भीतर अनिवार्यतत्काल (सर्वोत्तम रिकवरी के लिए पहले 2-3 घंटे / गोल्डन आवर)कॉल या मैसेज आने के 3 दिनों (72 घंटे) के भीतर
आवश्यक साक्ष्यस्क्रीनशॉट ($le$ 1MB), तारीख, समय, जालसाज का नंबर, संक्षिप्त विवरणबैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन UTR नंबर, कटे हुए पैसे का SMS, जालसाज का खाता विवरणकॉल लॉग/SMS का स्क्रीनशॉट, प्रमोटर का नंबर, टेलीकॉम सर्किल
कार्रवाई का परिणामसंदिग्ध नंबर की पुनः केवाईसी जांच; विफल होने पर सिम बंद व IMEI ब्लैकलिस्टप्राप्तकर्ता बैंक खातों पर रोक (Lien Freeze), कानूनी FIR दर्जटेलीमार्केटर पर जुर्माना, चेतावनी नोटिस या प्रचार कनेक्शन बंद होना
क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?नहीं। चक्षु के पास बैंकिंग नेटवर्क या धनवापसी का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।हाँ। CFCFRMS के माध्यम से त्वरित कार्रवाई कर बैंक खातों में पैसा फ्रीज कराया जा सकता है।नहीं। DND केवल स्पैम रोकने का नियामक ढांचा है।
---

5. चक्षु पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की चरणबद्ध प्रक्रिया (Step-by-Step Guide)

संचार साथी चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करना पूरी तरह निःशुल्क है और इसमें केवल 3 से 5 मिनट का समय लगता है:

चरण 1: आधिकारिक संचार साथी पोर्टल पर जाएं

चरण 2: संचार का माध्यम और फ्रॉड की श्रेणी चुनें

  • माध्यम (Medium): कॉल (Voice Call), SMS या WhatsApp में से वह विकल्प चुनें जिस पर आपको फर्जी संदेश आया था।
  • फ्रॉड श्रेणी (Category): ड्रॉपडाउन मेनू से मुख्य श्रेणी चुनें (जैसे *सरकारी अधिकारी का स्वांग*, *फर्जी कस्टमर केयर*, *केवाईसी/बिजली डिस्कनेक्शन धमकी* आदि)।
  • उप-श्रेणी (Sub-Category): विशिष्ट कारण का चयन करें (जैसे *DoT/TRAI अधिकारी बनकर कॉल* या *बिजली बिल अपडेट न होना*)।

चरण 3: स्क्रीनशॉट और सटीक समय दर्ज करें

  • स्क्रीनशॉट अपलोड करें: Choose File पर क्लिक करें और कॉल लॉग, SMS या चैट का स्क्रीनशॉट अपलोड करें। फाइल का आकार 1 MB से कम होना चाहिए (JPG, PNG या PDF फॉर्मेट)।
  • तारीख और समय: कैलेंडर से उस दिन की सटीक तारीख और समय चुनें जब यह संदेश आया था। ध्यान रहे, यह 30 दिन से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए।

चरण 4: जालसाज का नंबर दर्ज करें

  • जालसाज का 10-अंकीय मोबाइल नंबर या SMS सेंडर हेडर (जैसे VK-XXXXXX) दर्ज करें।
  • यदि कॉल किसी विदेशी नंबर से आई थी (जैसे पाकिस्तान के लिए +92, वियतनाम के लिए +84, नाइजीरिया के लिए +234), तो कंट्री कोड अवश्य शामिल करें।

चरण 5: घटना का संक्षिप्त विवरण लिखें

  • दिए गए टेक्स्ट बॉक्स में घटना का संक्षिप्त व स्पष्ट विवरण लिखें (अधिकतम 500 अक्षर)।
  • यह स्पष्ट बताएं कि कॉल करने वाले ने क्या दावा किया और उसने आपसे क्या मांग की (उदा. *"कॉल करने वाले ने मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर बनकर आधार पर ड्रग्स मिलने का आरोप लगाया और वीडियो कॉल पर आने का दबाव बनाया"*).

चरण 6: अपना विवरण भरें और OTP से सबमिट करें

  • अपना पूरा नाम और अपना चालू 10-अंकीय मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • स्क्रीन पर दिख रहा सुरक्षा कैप्चा कोड भरें और Get OTP पर क्लिक करें।
  • आपके मोबाइल पर आए 6-अंकीय ओटीपी को दर्ज करें और Verify & Submit पर क्लिक करें।
  • सफलतापूर्वक सबमिट होने पर स्क्रीन पर एक यूनिक रजिस्ट्रेशन / कंप्लेंट नंबर प्रदर्शित होगा। इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।

6. रिपोर्ट दर्ज करने से पहले आवश्यक जानकारी व दस्तावेज

चक्षु पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते समय फॉर्म अधूरा रहने पर खारिज हो सकता है। अतः आवेदन शुरू करने से पहले निम्नलिखित विवरण तैयार रखें:

  • संचार का स्पष्ट माध्यम: वॉइस कॉल, SMS, या व्हाट्सएप चैट।
  • जालसाज का पहचान विवरण: उसका 10-अंकीय मोबाइल नंबर, अंतरराष्ट्रीय कंट्री कोड सहित नंबर, या SMS का अल्फ़ान्यूमेरिक हेडर।
  • सटीक तारीख और समय: घटना का दिन, घंटा और मिनट (अधिकतम 30 दिन पुराना)।
  • स्पष्ट स्क्रीनशॉट प्रमाण: जिसमें प्रेषक का नंबर, संदेश और समय स्पष्ट रूप से पठनीय हो। फाइल साइज 1 MB से अधिक न हो।
  • वस्तुनिष्ठ विवरण: भावनात्मक बातों के बजाय केवल वास्तविक तथ्यों (मांगी गई राशि, बताई गई फर्जी वेबसाइट या ऐप का नाम) का विवरण।
  • सत्यापन हेतु सक्रिय मोबाइल नंबर: जिस पर तुरंत एसएमएस द्वारा ओटीपी प्राप्त हो सके।

7. चक्षु पर रिपोर्ट करने के बाद बैकएंड में क्या कार्रवाई होती है?

कई नागरिक सोचते हैं कि चक्षु पर शिकायत करने से वास्तव में कुछ होता भी है या नहीं। असल में, चक्षु पोर्टल दूरसंचार विभाग के अत्याधुनिक डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) से सीधे जुड़ा हुआ है:

⚡

Resolution & Escalation Workflow

1

नागरिक द्वारा चक्षु पर रिपोर्ट दर्ज

2

डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) में डेटा संकलन

3

एल्गोरिदम द्वारा पैटर्न व थ्रेशोल्ड विश्लेषण

4

संदिग्ध नंबर पर तात्कालिक आउटगोइंग सेवाएं निलंबित

5

टेलीकॉम ऑपरेटर (Jio/Airtel/Vi/BSNL) कार्रवाई] CEIR डिवाइस ब्लॉकिंग

8. चक्षु की सीमाएं: यह किन मामलों का समाधान नहीं कर सकता?

चक्षु के कार्यक्षेत्र और कानूनी सीमाओं को समझना आवश्यक है ताकि नागरिक गलत अपेक्षाएं न रखें:

  • चक्षु कोई पुलिस एफआईआर नहीं है: इस पोर्टल पर रिपोर्ट करने से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं होता। पुलिस आपके घर जांच करने नहीं आएगी और न ही आपको गवाही के लिए बुलाएगी।
  • चक्षु कटे हुए पैसे वापस नहीं दिला सकता: इस प्लेटफॉर्म का बैंकों, यूपीआई (NPCI) या पेमेंट गेटवे से कोई सीधा लेन-देन नियंत्रण नहीं है। यदि आपके खाते से पैसे निकल चुके हैं, तो चक्षु से धनवापसी संभव नहीं है।
  • व्यक्तिगत या दीवानी विवादों के लिए नहीं: पारिवारिक झगड़े, मकान मालिक-किराएदार के विवाद या सामान्य व्यावसायिक लेन-देन में मनमुटाव की रिपोर्ट चक्षु पर न करें। किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ द्वेषवश झूठी रिपोर्ट करना कानूनन दंडनीय है।
  • वैध कंपनियों के प्रचार कॉल्स (Spam) के लिए नहीं: यदि बैंक या बीमा एजेंट आपको वैध सेवाओं के लिए कॉल कर रहे हैं, तो यह धोखाधड़ी (Fraud) नहीं बल्कि अवांछित व्यावसायिक संचार (UCC) है। इसके लिए TRAI DND (1909) पर शिकायत दर्ज की जानी चाहिए।

9. यदि वित्तीय नुकसान हो चुका है, तो तुरंत क्या कानूनी कदम उठाएं?

यदि आपने जालसाज के झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो चक्षु पर जाने के बजाय निम्नलिखित कानूनी व आपातकालीन प्रक्रिया का तुरंत पालन करें:

⚡

Resolution & Escalation Workflow

1

खाते से अनधिकृत पैसे कटने की घटना

2

चरण 1: पहले 2-3 घंटे (गोल्डन आवर) में तुरंत 1930 मिलाएं

3

चरण 2: बैंक ट्रांजैक्शन UTR नंबर व खाता विवरण दर्ज कराएं

4

चरण 3: CFCFRMS पोर्टल द्वारा गंतव्य बैंक खातों पर डेबिट रोक

5

चरण 4: cybercrime.gov.in पर जाकर लिखित साइबर शिकायत दर्ज करें

6

चरण 5: BNSS धारा 503 के तहत मजिस्ट्रेट कोर्ट से धनवापसी आदेश लें
  • गोल्डन आवर में 1930 पर कॉल करें: पैसा कटने के पहले 2 से 3 घंटों के भीतर 1930 पर कॉल करें। इस समय अंतराल में पैसा अक्सर बिचौलियों (Mule Accounts) के खातों में ही होता है और जालसाज उसे एटीएम या क्रिप्टो में नहीं निकाल पाते।
  • CFCFRMS ऑटोमेटेड फ्रीज: 1930 पर दी गई जानकारी सीधे बैंकों के नोडल अधिकारियों के पास जाती है, जिससे जालसाज के खाते पर डेबिट लियन (Lien Freeze) लग जाता है और पैसा बाहर नहीं निकल पाता।
  • बैंक कार्ड व नेट बैंकिंग ब्लॉक कराएं: अपने बैंक की हेल्पलाइन पर कॉल करके तुरंत अपने डेबिट कार्ड, यूपीआई और नेट बैंकिंग को ब्लॉक करवाएं ताकि दोबारा पैसा न कट सके।
  • cybercrime.gov.in पर 14-अंकीय पावती संख्या लें: पोर्टल पर पूरी शिकायत दर्ज करें, बैंक स्टेटमेंट अपलोड करें और प्राप्त 14-अंकीय पावती संख्या (Acknowledgement Number) को सुरक्षित रखें। *(ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और साक्ष्य प्रस्तुत करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया के लिए देखें हमारा गाइड: भारत में साइबर अपराध की रिपोर्ट कैसे करें)।)*
  • मजिस्ट्रेट कोर्ट से पैसे वापस पाने का आदेश (BNSS 503): बैंक में होल्ड हुआ पैसा बैंक सीधे आपको वापस नहीं दे सकता। इसके लिए आपको भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 503 (पूर्व में CrPC धारा 457) के तहत संबंधित न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अर्जी दाखिल करनी होती है। अदालत के आदेश के बाद बैंक वह राशि आपके खाते में वापस क्रेडिट कर देता है।

10. स्मार्टफोन सुरक्षा चेकलिस्ट: साइबर धोखाधड़ी से बचने के 7 नियम

दूरसंचार आधारित धोखाधड़ी से अपने डिवाइस और बैंक खातों को सुरक्षित रखने के लिए इन 7 व्यावहारिक नियमों को अपनी आदत बनाएं:

  • SMS हेडर की जांच करें: बैंकों और सरकारी विभागों के SMS हमेशा अधिकृत हेडर (जैसे VK-SBIINB, JM-EPFIND) से आते हैं। यदि बिजली कटने या बैंक केवाईसी का संदेश किसी सामान्य 10-अंकीय नंबर (+91 98XXX XXXXX) से आया है, तो वह शत-प्रतिशत फर्जी है।
  • व्हाट्सएप पर आई APK फाइलें कभी इंस्टॉल न करें: अज्ञात स्रोतों से प्राप्त .apk फाइलों में ऐसे वायरस होते हैं जो आपके फोन के सभी SMS और ओटीपी को चुपचाप जालसाज के सर्वर पर भेज देते हैं। फोन की सेटिंग्स में 'Install Unknown Apps' को हमेशा बंद रखें।
  • रिमोट डेस्कटॉप ऐप्स डाउनलोड न करें: किसी भी कॉलर के कहने पर अपने फोन में AnyDesk, TeamViewer, RustDesk या कोई स्क्रीन-शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें। इससे वे आपके फोन की स्क्रीन देखकर पासवर्ड और ओटीपी चुरा लेते हैं।
  • सिम कार्ड पर लॉक (SIM PIN) लगाएं: अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर 4-अंकीय सिम पिन सेट करें। यदि फोन चोरी भी हो जाए, तो चोर आपके सिम को दूसरे फोन में डालकर यूपीआई या बैंक ओटीपी नहीं देख पाएगा।
  • TAFCOP पर हर 6 महीने में जांच करें: नियमित रूप से sancharsaathi.gov.in/sancharsaathi/tafcop पर जाकर चेक करें कि आपके आधार पर कोई अज्ञात सिम तो चालू नहीं है। मिलने पर तुरंत उसे "Not My Number" चुनकर ब्लॉक कराएं। *(अपने आधार पर पंजीकृत फर्जी सिम कार्डों को चेक व ब्लॉक करने की पूरी प्रक्रिया के लिए देखें हमारा गाइड: Sanchar Saathi TAFCOP: फर्जी मोबाइल नंबर की जांच और रिपोर्ट कैसे करें)।)*
  • डिजिटल अरेस्ट के भ्रम से बचें: भारत में किसी भी पुलिस अधिकारी, सीबीआई या कस्टम विभाग के पास वीडियो कॉल पर किसी नागरिक को अरेस्ट करने या हिरासत में रखने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। जो भी वीडियो कॉल पर अरेस्ट की धमकी दे, वह अपराधी है।
  • कस्टमर केयर नंबर केवल आधिकारिक वेबसाइट से लें: गूगल सर्च या सोशल मीडिया पर कभी भी बैंक, एयरलाइन या कूरियर का कस्टमर केयर नंबर न खोजें। हमेशा संबंधित बैंक या कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप के भीतर से ही नंबर निकालें।

11. आधिकारिक सरकारी व नियामक संसाधन

सटीक और सुरक्षित सेवाओं के लिए हमेशा इन आधिकारिक पोर्टलों का ही उपयोग करें:

  • दूरसंचार विभाग (DoT): https://dot.gov.in — टेलीकॉम नीतियां और नागरिक सुरक्षा नियम।
  • एकीकृत संचार साथी पोर्टल: https://sancharsaathi.gov.in — भारत सरकार का दूरसंचार सुरक्षा पोर्टल।
  • संचार साथी चक्षु रिपोर्टिंग पोर्टल: https://sancharsaathi.gov.in/sfc/ — संदिग्ध फर्जी कॉल्स और मैसेज की ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करने की सुविधा।
  • संचार साथी TAFCOP सेवा: https://sancharsaathi.gov.in/sancharsaathi/tafcop — अपने नाम पर जारी कुल सिम कनेक्शनों की जांच व रिपोर्ट।
  • CEIR चोरी/खोया मोबाइल पोर्टल: https://ceir.sancharsaathi.gov.in — चोरी हुए फोन के 15-अंकीय IMEI को पूरे देश में ब्लॉक करने की सुविधा।
  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in — वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट व एफआईआर।
  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: डायल करें 1930 (टोल-फ्री, 24/7 पूरे भारत में उपलब्ध)।
  • TRAI डीएनडी सेवा: अनचाहे विज्ञापनों के लिए 1909 पर डायल करें या SMS भेजें।

12. वैधानिक व सूचनात्मक अस्वीकरण (Disclaimer)

[!NOTE]
प्लेटफ़ॉर्म अस्वीकरण:
ComplaintAdda एक स्वतंत्र कानूनी व उपभोक्ता जागरूकता मंच है। इसका दूरसंचार विभाग (DoT), संचार मंत्रालय, गृह मंत्रालय (MHA), TRAI या किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
> संदिग्ध धोखाधड़ी कॉल्स या संदेशों की सभी शिकायतें केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल sancharsaathi.gov.in पर ही दर्ज की जानी चाहिए। ComplaintAdda किसी भी नंबर को ब्लॉक करने, जांच करने या खोए हुए पैसे की वापसी की गारंटी नहीं देता है और न ही इसके लिए कोई शुल्क लेता है। यदि आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत 1930 पर संपर्क करें। किसी भी जटिल कानूनी मुद्दे पर योग्य अधिवक्ता या पुलिस अधिकारियों से परामर्श अवश्य लें।
ST

Sumit Tiwari

सत्यापित लेखक

संस्थापक एवं मुख्य संपादक, ComplaintAdda

सुमित तिवारी बी.टेक (B.Tech) छात्र और तकनीकी प्रेमी हैं, जो उपभोक्ता जागरूकता, साइबर सुरक्षा और सार्वजनिक शिकायत निवारण पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वह नागरिकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए सामग्री अनुसंधान, संपादकीय समीक्षा और स्रोत सत्यापन की देखरेख करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्षु (Chakshu) दूरसंचार विभाग का एक निवारक टेलीकॉम इंटेलिजेंस पोर्टल है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब संदिग्ध कॉल या मैसेज आया हो लेकिन कोई आर्थिक नुकसान न हुआ हो। इसका उद्देश्य फर्जी नंबरों और हैंडसेट को ब्लॉक करना है। वहीं, 1930 राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब बैंक से पैसे कट चुके हों, ताकि बैंकों के CFCFRMS सिस्टम के जरिए ठगे गए पैसों को तुरंत फ्रीज कराया जा सके।
नहीं। दूरसंचार विभाग के नियमों के अनुसार, चक्षु पोर्टल पर केवल पिछले 30 कैलेंडर दिनों के भीतर प्राप्त हुई कॉल्स या संदेशों की ही रिपोर्ट की जा सकती है। 30 दिन से पुरानी तारीखों को सिस्टम स्वीकार नहीं करता ताकि इंटेलिजेंस डेटा सामयिक और कार्रवाई योग्य बना रहे।
नहीं। रिपोर्ट करने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। जब टेलीकॉम ऑपरेटर संदिग्ध नंबर पर री-वेरिफिकेशन का नोटिस भेजता है या सेवाएं बंद करता है, तो उसे केवल सुरक्षा नियमों के तहत नंबर चिन्हित होने की सूचना दी जाती है। आपका नाम, नंबर या व्यक्तिगत विवरण कभी भी जालसाज के साथ साझा नहीं किया जाता।
एकल या गलती से की गई रिपोर्ट से तुरंत नंबर बंद नहीं होता। दूरसंचार विभाग का सिस्टम कई शिकायतों और पैटर्न के आधार पर काम करता है। यदि किसी वैध नंबर की रिपोर्ट होती भी है, तो ऑपरेटर उसे बायोमेट्रिक सत्यापन (Re-KYC) का अवसर देता है। वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करने पर कनेक्शन सुचारू रूप से चलता रहता है।
नहीं। चक्षु पोर्टल का बैंकिंग सिस्टम या धनवापसी से कोई संबंध नहीं है। डूबे हुए पैसे को बचाने के लिए आपको तुरंत 1930 पर कॉल करना चाहिए, cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए, अपने बैंक को सूचित करना चाहिए और अदालत से BNSS की धारा 503 के तहत धनवापसी का आदेश लेना चाहिए।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। कार्रवाई करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
संबंधित नागरिक गाइड

अन्य महत्वपूर्ण शिकायत निर्देशिकाएं

Consumer Rights

भारत में उपभोक्ता शिकायत कैसे दर्ज करें: संपूर्ण चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका

ई-दाखिल (e-Daakhil) और राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) के माध्यम से भारत में उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने की विस्तृत मार्गदर्शिका।

Sumit Tiwari12 min read
Cyber Safety

भारत में साइबर अपराध की रिपोर्ट कैसे करें: पोर्टल, हेल्पलाइन और रिकवरी चरण

वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने, बैंक खातों को सुरक्षित करने और धन को फ्रीज करने के लिए 1930 राष्ट्रीय हेल्पलाइन का उपयोग करने के बारे में जानें।

Sumit Tiwari12 min read
Banking

आरबीआई लोकपाल शिकायत प्रक्रिया: Bank विवाद का निःशुल्क समाधान पाएं

आरबीआई एकीकृत लोकपाल योजना के तहत बैंकों, एनबीएफसी या डिजिटल वॉलेट ऐप के खिलाफ सीएमएस (CMS) पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की संपूर्ण प्रक्रिया।

Sumit Tiwari12 min read
Consumer Rights

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत भारत में 6 मुख्य उपभोक्ता अधिकार

भारत के प्रत्येक नागरिक को मिलने वाले छह बुनियादी उपभोक्ता अधिकारों की विस्तृत जानकारी और दैनिक विवादों में उनका उपयोग करने के तरीके।

Sumit Tiwari12 min read
Consumer Rights

भारत में बिजली उपभोक्ता अधिकार: नया कनेक्शन, बिल और मुआवजा नियम

बिजली (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 के तहत अपने अधिकारों, बिलिंग त्रुटियों और कनेक्शन में देरी के मुआवजे के बारे में जानें।

Sumit Tiwari12 min read
Consumer Rights

उपभोक्ता न्यायालय फाइलिंग गाइड: ई-दाखिल प्रक्रिया, शुल्क और क्षेत्राधिकार

ई-दाखिल (e-Daakhil) पोर्टल पर बिना वकील के ऑनलाइन उपभोक्ता मामला दर्ज करने की संपूर्ण चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका।

Sumit Tiwari12 min read
E-Commerce

ऑनलाइन शॉपिंग रिफंड रिजेक्शन से पैसे कैसे वापस पाएं: उपभोक्ता अधिकार निर्देशिका

क्या अमेज़न, फ्लिपकार्ट या अन्य ऑनलाइन स्टोर ने आपका रिफंड रिजेक्ट कर दिया है? जानें ई-कॉमर्स उपभोक्ता नियम, NCH शिकायत और लीगल नोटिस भेजने की पूरी प्रक्रिया।

Sumit Tiwari12 min read
Consumer Rights

एलपीजी गैस शिकायत ऑनलाइन कैसे दर्ज करें: इंडेन, एचपी और भारत गैस गाइड

एलपीजी गैस सिलेंडर की समस्याओं से परेशान हैं? इंडेन, एचपी गैस और भारत गैस के लिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का तरीका जानें।

Sumit Tiwari12 min read