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तथ्य जांचा गयाअंतिम अपडेट: 21 जुलाई 2026समीक्षक: ComplaintAdda Telecom & Cyber Safety Desk

सिम स्वैप धोखाधड़ी, TAFCOP ऑडिट एवं टेलीकॉम शिकायत गाइड

सिम स्वैप धोखाधड़ी (SIM Swap Fraud) एक गंभीर साइबर हमला है जहाँ जालसाज आपके दूरसंचार प्रदाता (Jio, Airtel, Vi, BSNL) को धोखा देकर आपके मोबाइल नंबर का डुप्लीकेट सिम अपने नाम पर जारी करवा लेते हैं। जैसे ही नया सिम एक्टिवेट होता है, आपके फोन से नेटवर्क सिग्नल ('No Service') गायब हो जाता है। इसके बाद स्कैमर आपके सभी कॉल्स, एसएमएस और बैंक ओटीपी (OTP) का नियंत्रण हासिल कर लेता है और आपके बैंक खातों को खाली कर देता है। दूरसंचार विभाग (DoT) और ट्राई (TRAI) के नियमों के अनुसार, दूरसंचार ऑपरेटरों के लिए डुप्लीकेट सिम जारी करने से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है। नागरिक संचार साथी TAFCOP पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर जाकर अपने आधार से जुड़े सभी मोबाइल नंबरों की जांच कर सकते हैं और अनधिकृत सिम बंद करा सकते हैं।

विषय विशेषज्ञ सलाह एवं महत्वपूर्ण बारीकियां

यदि आपके मोबाइल में अचानक 'No Service' दिखे, तो तुरंत सिम स्वैप की आशंका जताएं। किसी अन्य फोन से ऑपरेटर को कॉल करके सिम सस्पेंड करवाएं। DoT के संचार साथी TAFCOP पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर जाकर समय-समय पर आधार से जुड़े सिम कार्ड जांचें।

यह क्या है

सिम स्वैप घोटाले पहचान चोरी और फर्जी ऑपरेटर कॉलों के माध्यम से होते हैं: (1) फर्जी 5G अपग्रेड/e-SIM स्कैम जहाँ फर्जी कस्टमर केयर एजेंट बनकर आपको '4G से 5G अपग्रेड' के नाम पर 20-अंकों का सिम नंबर एसएमएस (जैसे SIM <number> to 121) पर भेजने के लिए कहा जाता है, जिससे पुराने सिम का नियंत्रण स्कैमर के पास चला जाता है। (2) जाली आधार कार्ड से नया सिम बनवाना जहाँ स्कैमर आपके आधार की फोटोकॉपी का उपयोग करके स्टोर से नया सिम जारी करवा लेता है। (3) फ़िशिंग कॉल के जरिए व्यक्तिगत विवरण (जन्मतिथि, मां का नाम) चुराना। (4) फर्जी आधार डेटा का उपयोग करके अनधिकृत सिम कनेक्शन चालू करना।

इसका उपयोग कब करें

यदि आपके मोबाइल फोन में बिना किसी क्षेत्र की तकनीकी खराबी के अचानक 'No Service' दिखने लगे, आपको ऑपरेटर से सिम बदलाव का एसएमएस मिले जिसे आपने शुरू न किया हो, आपने गलती से अपने सिम का 20-अंकों का नंबर या e-SIM क्यूआर कोड शेयर कर दिया हो, या संचार साथी TAFCOP पोर्टल पर आपके आधार पर अज्ञात नंबर दिख रहे हों, तो तुरंत इस गाइड का उपयोग करें।

चरण-दर-चरण प्रक्रिया

  1. 1चरण 1: सिग्नल स्थिति जांचें और दूसरे फोन से ऑपरेटर को कॉल करें। यदि परिचित स्थान पर 15 मिनट से अधिक समय तक सिग्नल गायब रहता है, तो किसी रिश्तेदार के फोन से अपने ऑपरेटर (Jio: 198, Airtel: 121, Vi: 199, BSNL: 1503) को कॉल करें। पूछें कि क्या आपके नंबर के लिए कोई सिम स्वैप अनुरोध दर्ज हुआ है।
  2. 2चरण 2: आपातकालीन सिम सस्पेंशन (SIM Suspension) की मांग करें। यदि आपकी सहमति के बिना नया सिम जारी हुआ है, तो ऑपरेटर एजेंट को एसएमएस और ओटीपी रोकने के लिए तुरंत सिम कार्ड को ब्लॉक करने का निर्देश दें।
  3. 3चरण 3: बैंक इमरजेंसी लाइन और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। वित्तीय फ्रॉड को रोकने के लिए तुरंत 1930 पर कॉल करें। अपने सभी बैंकों को कॉल करके मोबाइल नंबर सुरक्षित होने तक नेट बैंकिंग, यूपीआई और कार्ड्स को फ्रीज करवाएं।
  4. 4चरण 4: संचार साथी TAFCOP पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर आधार सिम ऑडिट करें। sancharsaathi.gov.in पर जाएं, 'Know Your Mobile Connections' चुनें, अपना मोबाइल नंबर और ओटीपी दर्ज करें। अपने आधार से जुड़े सभी नंबरों की जांच करें। अज्ञात नंबरों के सामने 'Not My Number' पर टिक करके दूरसंचार विभाग से कनेक्शन कटवाने की रिपोर्ट दर्ज करें।
  5. 5चरण 5: cybercrime.gov.in पर आधिकारिक साइबर शिकायत दर्ज करें। cybercrime.gov.in पर लॉगिन करें, विवरण भरें, बैंक अलर्ट के स्क्रीनशॉट लगाएं और 15-अंकों का पावती नंबर (Acknowledgement Number) प्राप्त करें।
  6. 6चरण 6: अपने मूल पहचान पत्र के साथ ऑपरेटर स्टोर पर जाएं। अपने मूल आधार कार्ड/पैन कार्ड के साथ अपने ऑपरेटर (Jio/Airtel/Vi) के आधिकारिक स्टोर पर जाएं। बायोमेट्रिक अंगूठा स्कैन करके नया रिप्लेसमेंट सिम कार्ड प्राप्त करें।
  7. 7चरण 7: CEIR पोर्टल (ceir.sancharsaathi.gov.in) पर फोन IMEI ब्लॉक करें। यदि फोन भी चोरी हो गया था, तो DoT के CEIR पोर्टल पर पुलिस प्राथमिकी और 15-अंकों के IMEI नंबर के साथ फोन को भारत के सभी नेटवर्क पर ब्लैकलिस्ट करवाएं।

आवश्यक दस्तावेज़

  • ऑपरेटर स्टोर पर बायोमेट्रिक पुनः सत्यापन के लिए मूल आधार कार्ड / मतदाता पहचान पत्र / पासपोर्ट
  • ऑपरेटर से प्राप्त सिम बदलाव अनुरोध से संबंधित आधिकारिक एसएमएस या ईमेल की प्रति
  • मोबाइल सिग्नल जाने की अवधि के दौरान हुए अनधिकृत बैंक कटौतियों का बैंक विवरण (Statement)
  • cybercrime.gov.in से प्राप्त 15-अंकों का साइबर शिकायत पावती पीडीएफ
  • मोबाइल हैंडसेट का 15-अंकों का IMEI नंबर (*#06# डायल करके या फोन डिब्बे पर उपलब्ध)
  • पुलिस गुमशुदगी रिपोर्ट या एफआईआर की एक प्रति (CEIR पोर्टल पर हैंडसेट ब्लॉक करने के लिए)

शुल्क

निःशुल्क से न्यूनतम। TAFCOP पर सिम जांचना, साइबर शिकायत दर्ज करना, 1930 पर कॉल करना और CEIR पर IMEI ब्लॉक करना 100% निःशुल्क है। ऑपरेटर स्टोर पर नया सिम जारी कराने का सरकारी शुल्क केवल ₹25 से ₹50 है।

प्रोसेसिंग समय

हेल्पलाइन द्वारा सिम सस्पेंशन 5 से 10 मिनट में हो जाता है। स्टोर पर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद नया सिम 2 से 4 घंटे में चालू होता है। TAFCOP पर दर्ज फर्जी नंबरों को दूरसंचार विभाग 7 से 14 दिनों में स्थायी रूप से काट देता है।

महत्वपूर्ण सुझाव

  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके आधार पर कोई फर्जी सिम चालू नहीं है, DoT के संचार साथी TAFCOP पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर साल में दो बार सिम ऑडिट करें।
  • अपने स्मार्टफोन की सिक्योरिटी सेटिंग्स में जाकर 4-अंकों का सिम पिन (SIM PIN) सक्रिय करें। इससे फोन चोरी होने पर सिम दूसरे फोन में काम नहीं करेगा।
  • 121 या 198 पर 'SIM <20-digit-number>' जैसे एसएमएस भेजने के संदेशों का कभी जवाब न दें — यह सिम स्वैप जालसाजी का जाल है।
  • अपने बैंक के साथ एक वैकल्पिक ईमेल दर्ज रखें ताकि मोबाइल सिग्नल बंद होने पर भी आपको ईमेल पर बैंक अलर्ट मिलते रहें।
  • अपने नए सिम किट, e-SIM क्यूआर कोड या फोन बिल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर कभी पोस्ट न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TAFCOP (sancharsaathi.gov.in) भारत सरकार के दूरसंचार विभाग का आधिकारिक पोर्टल है। इसके जरिए कोई भी नागरिक अपना मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी से लॉगिन कर सकता है और यह देख सकता है कि उनके आधार पर पूरे भारत में कितने मोबाइल सिम चालू हैं। अनधिकृत नंबर मिलने पर पोर्टल से ही उसे बंद कराने की रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है।
भारतीय मोबाइल नेटवर्क नियमों के अनुसार, एक मोबाइल नंबर एक समय में केवल एक ही भौतिक सिम या e-SIM पर सक्रिय रह सकता है। जैसे ही स्कैमर का डुप्लीकेट सिम चालू होता है, नेटवर्क सर्वर आपके मूल सिम को तुरंत बंद कर देता है, जिससे आपके फोन में 'No Service' दिखने लगता है।
स्कैमर 5G स्पीड बढ़ाने का झांसा देकर पीड़ित से 121 या 198 पर 'eSIM <email>' या 'SIM <number>' एसएमएस करवाता है। इससे ऑपरेटर का ऑटोमेटेड e-SIM सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है और e-SIM का क्यूआर कोड स्कैमर की ईमेल पर चला जाता है। स्कैमर उसे स्कैन कर लेता है और पुराना सिम बंद हो जाता है।
दूरसंचार विभाग के सख्त नियमों के अनुसार ऑपरेटरों को नया सिम देने से पहले लाइव बायोमेट्रिक अंगूठा/चेहरा सत्यापन करना अनिवार्य है। यदि किसी स्टोर ने जाली कागजात पर सिम जारी किया है, तो ऑपरेटर पर भारी जुर्माना लगता है और पीड़ित उपभोक्ता अदालत में ऑपरेटर से हर्जाने का दावा कर सकता है।
ceir.sancharsaathi.gov.in पर जाएं। 'Block Stolen/Lost Mobile' चुनें। अपना 15-अंकों का IMEI नंबर, मोबाइल नंबर, पुलिस शिकायत की प्रति और पहचान पत्र अपलोड करें। सबमिट करने पर डूटी (DoT) पूरे भारत के सभी नेटवर्कों पर उस हैंडसेट के IMEI को ब्लैकलिस्ट कर देता है।
हां। फोन पास होने पर भी सिम स्वैप हो सकता है। स्कैमर आपका भौतिक फोन नहीं चुराते, वे आपकी पहचान (आधार कार्ड डेटा) चुराकर या e-SIM ट्रांसफर करवाकर ऑपरेटर से नया सिम एक्टिवेट करवा लेते हैं, जिससे आपका चालू सिम दूरस्थ रूप से बंद हो जाता है।
किसी दूसरे फोन से तुरंत 1930 पर कॉल करें। बताएं कि सिम स्वैप के जरिए बैंकिंग फ्रॉड हुआ है। अपने बैंक को कॉल करके खातों को फ्रीज करवाएं। बैंक शाखा में लिखित शिकायत जमा करें कि मोबाइल सिग्नल कट जाने के कारण आपको रियल-टाइम एसएमएस अलर्ट नहीं मिल सके।
जब आप मूल आधार कार्ड के साथ स्टोर पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करते हैं, तो नया सिम तुरंत मिल जाता है। नेटवर्क 2 से 4 घंटे में चालू हो जाता है। सुरक्षा नियमों के तहत, नए सिम पर शुरुआती 24 घंटों के लिए इनकमिंग एसएमएस सेवा प्रतिबंधित रहती है।
सिम स्वैप फ्रॉड के तहत धाराएं: (1) सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम 2000: धारा 66C (पहचान चोरी - 3 साल तक की जेल), धारा 66D (कंप्यूटर संसाधन से छद्म रूप धारण कर धोखाधड़ी)। (2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023: धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और धारा 336(3) (जाली पहचान पत्र बनाना)।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। कार्रवाई करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।