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Cyber Safetyसरकारी परिपत्रों से सत्यापितअंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026समीक्षक: Sumit Tiwari

व्हाट्सएप/कॉल पर FedEx कस्टम्स ड्रग पार्सल स्कैम की रिपोर्ट कैसे करें: पूरी जानकारी

आज के समय में भारत में चल रहे सबसे डरावने साइबर अपराधों में से एक है 'FedEx कस्टम्स पार्सल स्कैम' (जिसके जरिए लोगों को फर्जी 'डिजिटल अरेस्ट' किया जाता है)। पीड़ितों को एक फोन या रिकॉर्डेड कॉल आती है, जिसमें दावा किया जाता है कि उनके नाम से भेजा गया एक अंतरराष्ट्रीय पार्सल, जिसमें एमडीएमए (MDMA) जैसी प्रतिबंधित ड्रग्स, जाली पासपोर्ट और एटीएम कार्ड पाए गए हैं, सीमा शुल्क विभाग (Customs) द्वारा जब्त कर लिया गया है। पुलिस केस से बचने के लिए, पीड़ित को स्काइप (Skype) या ज़ूम (Zoom) पर नकली अधिकारियों के सामने पेश होने और सरकारी जांच के नाम पर लाखों रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता है। इस गाइड में हम सीखेंगे कि इस धोखाधड़ी से कैसे बचें, कॉलर की सच्चाई कैसे जांचें, और साइबर सेल में शिकायत कैसे दर्ज करें।

1. जालसाज किस स्क्रिप्ट का उपयोग करते हैं?

कस्टम्स ड्रग पार्सल घोटाला निम्नलिखित चरणों में किया जाता है:

  • शुरुआती कॉल: आपको एक अनजान मोबाइल नंबर से कॉल या वॉयस मैसेज आता है कि *"आपके द्वारा भेजा गया FedEx पार्सल अवैध सामग्री के कारण वापस कर दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए 9 दबाएं।"*
  • फर्जी कस्टम एजेंट: जब आप 9 दबाते हैं, तो एक व्यक्ति कस्टम अधिकारी बनकर बात करता है। वह दावा करता है कि आपके आधार कार्ड का उपयोग करके मुंबई से ताइवान भेजे जा रहे पार्सल में 140 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स, 5 नकली पासपोर्ट और 3 क्रेडिट कार्ड बरामद किए गए हैं।
  • स्काइप पर ट्रांसफर: वह व्यक्ति कहता है कि मामला गंभीर है और वह कॉल को साइबर पुलिस (जैसे मुंबई/दिल्ली साइबर सेल या सीबीआई) को ट्रांसफर कर रहा है। फिर आपको स्काइप ऐप डाउनलोड करने को कहा जाता है, जहाँ पुलिस की वर्दी पहने स्कैमर नकली पुलिस स्टेशन के बैकग्राउंड में वीडियो कॉल पर दिखाई देते हैं।
  • डिजिटल अरेस्ट की धमकी: स्कैमर आपको 'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी देते हैं और कॉल काटने या किसी को बताने पर जेल भेजने का डर दिखाते हैं। वे आपसे आपके बैंक खाते का सारा पैसा 'सरकारी सत्यापन खाते' (Government Verification Account) में ट्रांसफर करने को कहते हैं, जिसे वे जांच के बाद 30 मिनट में वापस करने का वादा करते हैं।
  • पैसे हड़पना: आपके द्वारा पैसे ट्रांसफर करते ही वे स्काइप से लॉगआउट कर लेते हैं और आपका नंबर ब्लॉक कर देते हैं।

2. 'डिजिटल अरेस्ट' के मनोवैज्ञानिक तरीके

साइबर अपराधी पीड़ित को मानसिक रूप से डराने के लिए कई प्रकार के हथकंडे अपनाते हैं:

  • असली पुलिस अधिकारियों का नाम: अपराधी अक्सर वास्तविक आईपीएस अधिकारियों के नाम और फर्जी पुलिस आईडी कार्ड का उपयोग करते हैं।
  • नकली कोर्ट ऑर्डर: पीड़ितों को व्हाट्सएप पर नकली अरेस्ट वारंट, जब्ती नोटिस और सीबीआई, एनसीबी या सुप्रीम कोर्ट के लोगो वाले दस्तावेज दिखाए जाते हैं।
  • NDPS और PMLA का डर: वे कानून की धाराओं जैसे *NDPS अधिनियम, 1985* और *मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002* का हवाला देकर डराते हैं।
  • अकेला रखना: वे आपको 24 से 48 घंटे तक लगातार वीडियो कॉल पर रहने के लिए मजबूर करते हैं ताकि आप किसी मित्र, परिवार या वकील से संपर्क न कर सकें।

3. नकली कस्टम कॉल की पहचान कैसे करें?

बचाव के लिए हमेशा इन महत्वपूर्ण नियमों का ध्यान रखें:

  • वीडियो कॉल पर कोई गिरफ्तारी नहीं होती: सीबीआई, कस्टम्स, पुलिस या एनसीबी जैसी कोई भी सरकारी एजेंसी स्काइप, ज़ूम या व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर न तो बयान दर्ज करती है और न ही किसी को 'डिजिटल अरेस्ट' करती है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) में ऐसी किसी 'डिजिटल अरेस्ट' की व्यवस्था नहीं है।
  • सत्यापन के लिए पैसे मांगना गैरकानूनी: कोई भी सरकारी विभाग किसी संदिग्ध को निर्दोष साबित करने या बैंक फंड सत्यापित करने के लिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहता। सरकारी जब्ती हमेशा अदालती आदेशों के द्वारा होती है, न कि फोन कॉल पर सीधे पैसे भेजकर।
  • आधार कार्ड का झांसा: अपराधी आपका आधार नंबर और जन्मतिथि पहले से खरीद कर रखते हैं और उसे पढ़कर आपको डराते हैं। केवल आपका विवरण जानने से कोई आधिकारिक पुलिस अधिकारी नहीं बन जाता।
  • आधिकारिक कस्टम नोटिस: सीमा शुल्क विभाग हमेशा स्पीड पोस्ट द्वारा आधिकारिक कागजी नोटिस भेजता है, जिसमें एक यूनिक 'Document Identification Number (DIN)' होता है। इसे आप केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

4. फ्रॉड होने पर तुरंत शिकायत कैसे करें?

चरण 1: साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें

यदि आपने पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी आप शिकायत दर्ज करेंगे, पुलिस के लिए बैंक खातों में पैसे को ब्लॉक करना उतना ही आसान होगा।

चरण 2: साइबर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें

सरकारी वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाएं और रिपोर्ट दर्ज करें। यहाँ स्काइप चैट, वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट और बैंक ट्रांसफर की रसीदें अपलोड करें।

चरण 3: Chakshu पोर्टल पर सिम ब्लॉक कराएं

संचार साथी पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर जाएं और Chakshu का चयन करें। यहाँ उन सभी नंबरों की रिपोर्ट करें जिनसे कॉल या धमकी आई थी, ताकि दूरसंचार विभाग (DoT) उनके सिम और मोबाइल डिवाइस को हमेशा के लिए ब्लॉक कर सके।

चरण 4: अपने बैंक को सूचित करें

  • अपने बैंक की निकटतम शाखा या हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करके धोखाधड़ी वाले लेनदेन की रिपोर्ट करें।
  • चार्जबैक प्रक्रिया शुरू करने के लिए साइबर सेल की शिकायत की कॉपी बैंक में जमा करें।

सुरक्षा अस्वीकरण (Disclaimer)

*इस गाइड में दी गई जानकारी केवल जन जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। पुलिस की जांच प्रक्रिया, सीमा शुल्क (Customs) विभाग की कार्रवाई, और दूरसंचार नियम भारत के विभिन्न राज्यों में भिन्न हो सकते हैं। ComplaintAdda कोई प्रत्यक्ष कानूनी प्रतिनिधित्व नहीं देता है और न ही अपराधियों द्वारा हड़पे गए पैसों की वापसी की गारंटी देता है। यदि आपको डिजिटल अरेस्ट की धमकी मिले, तो तुरंत कॉल काटें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 डायल करें।*

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Sumit Tiwari

सत्यापित लेखक

संस्थापक एवं मुख्य संपादक, ComplaintAdda

सुमित तिवारी बी.टेक (B.Tech) छात्र और तकनीकी प्रेमी हैं, जो उपभोक्ता जागरूकता, साइबर सुरक्षा और सार्वजनिक शिकायत निवारण पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वह नागरिकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए सामग्री अनुसंधान, संपादकीय समीक्षा और स्रोत सत्यापन की देखरेख करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिल्कुल न घबराएं और तुरंत फोन काट दें। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर ड्रग केस दर्ज नहीं करती। आपका आधार नंबर किसी डेटा लीक के जरिए अपराधियों के हाथ लगा हो सकता है, इससे यह साबित नहीं होता कि वे पुलिस हैं।
नहीं। FedEx जैसी निजी कूरियर कंपनी का कर्मचारी सरकारी पुलिस नियंत्रण कक्ष या सीबीआई को सीधे फोन ट्रांसफर नहीं कर सकता। यह स्कैमर्स का एक तकनीकी नाटक होता है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। कार्रवाई करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
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